यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोगा बस कांड: संसद से सड़क तक घिरा बादल परिवार
मोगा में सुखबीर सिंह बादल की कंपनी आर्बिट की बस में सवार मां-बेटी के साथ छेडख़ानी होने व इसके बाद ...और पढ़ें

जालंधर [जेएनएन]। मोगा में सुखबीर सिंह बादल की कंपनी आर्बिट की बस में सवार मां-बेटी के साथ छेडख़ानी होने व इसके बाद उन्हें बस से बाहर फेंकने के मामले में बादल परिवार संसद से सड़क तक चौतरफा घिर गया है। घटना में 13 वर्षीय बच्ची की मौत गई थी। मामले में चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। बस (पीबी-10सीपी-1813) को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
उधर, मोगा में सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन महिला का हालचाल जानने प्रदेश कांग्र्रेस अध्यक्ष प्रधान प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उप चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका, आप सांसद साधु सिंह, सांसद हरविंदर सिंह खालसा, आप कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर आदि पहुंचे और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा और धरना दिया। बाघा पुराना में भी लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। समाचार लिखे जाने तक बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि बुधवार को शिंदरपाल कौर पत्नी सुखदेव सिंह निवासी लंडेके, जिला मोगा अपनी 13 वर्षीय बेटी अर्शदीप कौर व पुत्र अकाशदीप के साथ मोगा से बाघापुराना जा रही आर्बिट कंपनी की बस में बैठी। इस दौरान कंडक्टर और हेल्पर ने उससे बदतमीजी की, जिससे तकरार हुई।
इसी दौरान टोल प्लाजा के निकट एक व्यक्ति अमरजीत सिंह बस में चढ़ा और शिंदरपाल के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। आरोपियों ने उसे व उसकी बेटी को चलती बस से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरने से उसकी बेटी की मौत हो गई। घटना की जानकारी बस में ही सवार किसी व्यक्ति ने 101 नंबर पर पुलिस को दी।
सैनी ने बताया कि बस में अन्य सवारियां भी मौजूद थीं, लेकिन कोई बचाव के लिए सामने नहीं आया। यह शर्मनाक है। चालक का कहना है कि किसी ने छेडख़ानी नहीं की। मां-बेटी ने खुद छलांग मारी थी। आरोपियों पर हत्या तथा हत्या के प्रयास सहित कई धारा के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
उधर, गुरुवार को मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरना दे रहे कांग्र्रेसियों ने भी इस मामले को उठाया। कांग्र्रेस के प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि चूंकि आर्बिट बस सुखबीर बादल की है और वह राज्य के उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री हैं, इसलिए उनके विरुद्ध भी पर्चा दर्ज करना चाहिए। यही मांग नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ ने भी मुख्यमंत्री के समझ रखी।
दुर्भाग्य से बस हमारी, घटना पर दुख हुआ : बादल
चंडीगढ़ [राज्य ब्यूरो]। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि मोगा में आर्बिट बस की घटना दुखद है। दुर्भाग्य से बस हमारी है और घटना बहुत बड़ी है। कांग्र्रेस की मांग के संबंध में बादल ने कहा कि समाज में अच्छे और बुरे दोनों ही लोग रहते हैं। पुलिस अपना काम कर रही है। जहां तक आर्बिट की बात है न तो मैं ट्रांसपोर्ट कंपनी के दफ्तर में जाता हूं और न ही मेरी कोई रुचि है।'
'यह घटना शर्मनाक है। यह बताती है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बुरी है। आरोपियों पर स्पेशल ट्रायल कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए।' -कैप्टन अमरिंदर सिंह, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता
