यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कैश के लिए मारामारी, एटीएम के बाहर लगी लंबी कतार
नोट वितरण की निगरानी में लगे तंत्र के पसीने छूट गए। देश के सवा दो लाख एटीएम में नकदी पहुंचाने का कार्य देर रात तक चलता रहा।

नई दिल्ली (जेएनएन)। पांच सौ और एक हजार के नोट पर पाबंदी लगने के बाद आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने कहा है कि आम लोगों को मुश्किलों से बचाने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं।
कैश बदलने का आज दूसरा दिन है और अब बैंक के साथ साथ एटीएम के बाहर भी लंबी कतार देखने को मिल रही है। लोग सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि गुरुवार रात से ही एटीएम से कैश निकाला जा सकेगा लेकिन राजधानी के कई इलाकों में एटीएम में कैश था ही नहीं।
कैश के लिए मारामारी, देशभर के एटीएम के बाहर लगी लंबी कतार, देखें तस्वीरें
वित्त मंत्रालय से लेकर रिजर्व बैंक के अधिकारी तक इस बात को बखूबी समझ रहे थे कि गुरुवार का दिन भारतीय बैंकिंग के लिए अनूठा रहा। 500 व 1000 के नोटों को प्रचलन से बाहर करने के फैसले के बाद बैंक शाखाओं को गुरुवार को पहली बार खोला गया।
तस्वीरें: दिल्ली-एनसीआर खराब पड़े एटीएम से बढ़ी समस्या, लोग परेशान
बाजार में मची अफरा तरफी, बैंकों में समय पर नोट पहुंचाने व शाखा में आने वाल ग्राहकों की निगरानी के लिए सरकारी एजेंसियों के लिए पिछले दो दिनों के भीतर अभूतपूर्व सामंजस्य बनाया गया है। रिजर्व बैंक के साथ ही वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि हालात पर नजर रखने में उनके पसीने छूट गये हैं।
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वित्त मंत्रालय के बैंकिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि किस तरह से रिकार्ड समय में सवा लाख बैंक शाखाओं और सवा दो लाख एटीएम को नकदी पहुंचाया जाए। बैंक शाखाओं में नोट पहुंचाने का काम बुधवार देर रात तक हुआ है। एटीएम में नकदी पहुंचाने का काम शुरु हो चुका है। शुक्रवार दोपहर तक एटीएम के लिए भी पर्याप्त राशि पहुंच जाएगी।
देश के हर बैंक ब्रांच में नई रकम को दो दिनों के अंदर पहुंचाने में सबसे ज्यादा मुश्किल आई है। दूरी होने की वजह से कई जगहों पर समय पर नकदी नहीं पहुंच सकी है। जबकि कई बैंक शाखाओं ने पास भेजी गई नकदी कम पड़ गई है। इसे सामान्य होने में चार से पांच दिन का समय लग जाएगा।
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रिजर्व बैंक के स्तर पर भी पूरे मामले की जबरदस्त निगरानी की जा रही है। मुंबई स्थिति हेड ऑफिस में एक विशेष टीम गठित की गई है इसके अलावा देश भर में फैले केंद्रीय बैंक के स्थानीय कार्यालयों में विशेष टीम का गठन किया गया है। रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय में डिप्टी गवर्नर आर गांधी की अगुवाई में गठित टीम ने कल एटीएम में पैसा पहुंचाने वाली कंपनियों के साथ विशेष बैठक की। इसमें एटीएम सप्लाई करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
तकनीकी तौर पर इस बात की गारंटी की गई कि दिन में एटीएम मशीन को मिलने वाली पावर लाइन में कोई गड़बड़ी न हो या उनके स्विच संचालन में किसी प्रकार की खामी न उत्पन्न हो जाए। रिजर्व बैंक की तरफ से सभी बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे खास तौर पर यह ध्यान रखे कि काले धन बड़े पैमाने पर सिस्टम में नहीं आ पाये।
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ग्राहकों की पहचान को लेकर पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि बाद में उनकी पहचान हो सके। माना जा रहा है कि एटीएम में 40 हजार करोड़ रुपये की राशि दो हजार और 500 के नोट डाले जाएंगे। जबकि सौ रुपये के 4000 करोड़ रुपये के नोट डाले जाने की उम्मीद है।
