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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस दफा गणतंत्र दिवस पर रायसीना हिल्स की रौनक थी जुदा

By manoj yadavEdited By:
Published: Mon, 26 Jan 2015 08:50 PM (IST)Updated: Mon, 26 Jan 2015 09:05 PM (IST)

गणतंत्र दिवस पर रायसीना हिल्स की रौनक इस दफा कुछ जुदा थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तरफ से इस दफा ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर रायसीना हिल्स की रौनक इस दफा कुछ जुदा थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तरफ से इस दफा न्योता बांटने में जितनी सतर्कता बरती गई, भीड़ उतनी ही ज्यादा रही। गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा की मौजूदगी इसे कुछ ज्यादा ही खास कर रही थी। हालात ऐसे थे कि अति विशिष्ट अतिथि तक भीड़ का ही हिस्सा नजर आए। मोदी सरकार की कैबिनेट के भाजपा कोटे के आधे से ज्यादा मंत्री राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे।

राष्ट्रपति भवन में सोमवार को जितने मंत्री और उनके परिजन मौजूद थे, उससे ज्यादा सिर्फ नई सरकार के शपथग्रहण पर ही दिखते हैं। वैसे केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद यह दूसरा राष्ट्रीय पर्व है। मोदी ने 15 अगस्त की तरह 26 जनवरी को भी यादगार बना दिया। दुनिया का सबसे शक्तिशाली शख्स रायसीना हिल्स पर मौजूद था तो उसकी झलक देखने को सब आतुर थे। प्रधानमंत्री मोदी के बाद और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से पहले आए ओबामा ने विशिष्ट अतिथियों के लिए बनाए गए घेरे में मौजूद सभी अतिथियों से मुलाकात की। ओबामा व पत्नी ने सिर्फ हाथ मिलाने की औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि सबके साथ गर्मजोशी से बकायदा उनका परिचय भी लिया। लोगों के आग्रह पर उनके साथ फोटो भी खिंचाई।

अतिथियों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व भाजपा के अमित शाह के अलावा सिर्फ कैबिनेट मंत्री और उनकी पत्नियां ही अंदरूनी घेरे में बैठ सकीं। राज्य मंत्रियों और उनके परिजनों के लिए अलग दीर्घा बनाई गई थी। राष्ट्रगान खत्म होने के बाद ओबामा से मुलाकात के लिए वे सभी वहां आ गए। मंत्रियों में राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, मनोहर पार्रिकर, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावडे़कर, जयंत सिन्हा समेत तमाम लोग थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पत्नी गुरुशरण कौर के साथ थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी थे। तीनों सेनाओं के प्रमुखों के अलावा मुख्य न्यायधीश एच.एल. दत्तू व अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुखर्जी व प्रधानमंत्री मोदी ने वहां आए सभी लोगों से मुलाकात भी की, मगर अमेरिकी राष्ट्रपति व उनकी पत्नी को वहां आए अतिथियों के बीच जाने से अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने मना कर दिया। दरअसल, इतने खुले में सुरक्षा कारणों से अमेरिकी राष्ट्रपति कहीं रहते नहीं। लिहाजा उन्होंने खड़े होकर सबका अभिवादन किया। इस दौरान राष्ट्रपति भवन में अभूतपूर्व सुरक्षा थी। राष्ट्रपति भवन के प्रमुख गुंबद पर सुरक्षा की दृष्टि से स्नाइपर पूरे समय मुस्तैद रहे।

ओबामा ने दिखाई हनुमान की मूर्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा हमेशा अपने साथ हनुमानजी की मूर्ति रखते हैं। यह पूरी दुनिया में चर्चा का विषय रहा है। मुलाकात के दौरान उत्सुकतावश लालकृष्ण आडवाणी की पुत्री प्रतिभा आडवाणी ने इसकी पुष्टि के लिए ओबामा से इस बारे में पूछ ही लिया। ओबामा ने हां कहा तो प्रतिभा ने उनसे हनुमान की मूर्ति दिखाने को कहा। इस पर ओबामा ने प्रतिभा को वह मूर्ति निकालकर दिखाई भी।

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