यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेल व विमानन क्षेत्र के उन्नयन में मदद करेगा अमेरिका
अमेरिका ने रेल व विमानन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में भारत के साथ सहयोग का वादा किया है। इसी के साथ ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका ने रेल व विमानन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में भारत के साथ सहयोग का वादा किया है। इसी के साथ अमेरिका ने एफएए की ओर से भारत की विमानन सुरक्षा रैंकिंग जल्द बहाल होने की उम्मीद भी जताई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जारी संयुक्त वक्तव्य में अन्य बातों के अलावा रेल और विमानन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का वादा किया गया है। रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की महत्ता को रेखांकित करते हुए वक्तव्य में कहा गया है कि इससे भारत में रेल ढांचे के विस्तार व आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। इस सिलसिले में अमेरिकी ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी भारतीय रेल की लीजिंग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) संरचना को दुरुस्त करने में मदद करेगी। इसका मकसद भारतीय रेल की निजी निवेश आकर्षित करने की कोशिशों को कामयाबी दिलाना है।
वक्तव्य के अनुसार दोनों नेताओं ने नागरिक विमानन क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत चल रहे जबरदस्त सहयोग की महत्ता को समझा है। इसीलिए अब वे इस क्षेत्र में उभरती नई प्रौद्योगिकी की पहचान करने और अपेक्षाकृत व्यापक वाणिज्यिक सहयोग के एजेंडे पर काम करने को राजी हुए हैं। इसके लिए अमेरिका-भारत विमानन सम्मेलन-2015 जैसे कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में अमेरिका अपनी अत्याधुनिक अमेरिकी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेगा।
संयुक्त वक्तत्व में अमेरिका ने भारत की विमानन संरक्षा व सुरक्षा के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता फिर से दर्शाई है। इस सिलसिले में अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) भारत के डायरेक्ट्रेट जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के साथ चर्चाओं की प्रक्रिया जारी रखेगा, ताकि इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गेनाइजेशन (आइसीएओ) द्वारा निर्धारित संरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसका मकसद भारत की एविएशन सेफ्टी रेंकिंग को जल्द से जल्द पुन: कैटेगरी-1 के स्तर पर बहाल करना है।
