यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा चाहती है नवरात्र में हो महबूबा की ताजपोशी
राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संभवत: सोमवार चार अप्रैल को होगा। लेकिन भाजपा के कई नेता और ...और पढ़ें

श्रीनगर। राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संभवत: सोमवार चार अप्रैल को होगा। लेकिन भाजपा के कई नेता और विधायक प्रयास कर रहे हैं कि कार्यक्रम नवरात्र में हो। मंत्री पदों को लेकर भी अभी पेंच फंसा हुआ है। भाजपा चाहती है कि कैबिनेट और राज्यमंत्री बराबर-बराबर होने चाहिए। इस बीच, शपथ ग्रहण समारोह में कई केंद्रीय नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागेदारी को यकीनी बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पीडीपी के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन इसी मिशन पर दिल्ली में हैं, जबकि महबूबा श्रीनगर में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 मार्च को विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। वह तीन अप्रैल को लौटेंगे। उनका शपथ ग्रहण समारोह में आना तय नहीं है, लेकिन प्रदेश भाजपा और पीडीपी के नेता उनकी भागेदारी को इसलिए भी यकीनी बनाना चाहते हैं कि महबूबा मुफ्ती देशभर में पहली मुस्लिम महिला मुख्यमंत्री होंगी। सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ शुभ दिनों के लिए ही नहीं बल्कि मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर भी तय नहीं हो रहा है।
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भाजपा चाहती है कि अब कैबिनेट और राज्यमंत्री बराबर-बराबर होने चाहिए। भाजपा ने तर्क दिया है कि इस समय राज्य विधानसभा में पीपुल्स कांफ्रेंस के दो विधायकों के अलावा ऊधमपुर के विधायक पवन गुप्ता समेत उसके सदस्यों की संख्या 28 है और पीडीपी के पास भी 28 ही विधायक हैं। इसलिए मंत्रियों की संख्या भी बराबर होनी चाहिए।
