यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोली ने पत्नी और बेटे से मिलने की इच्छा जताई
मां से मिलने के बाद निठारी कांड के नरपिशाच सुरेंद्र कोली की परिवार को देखने की इच्छा भी जागृत हो ...और पढ़ें

मेरठ, जागरण संवाददाता। मां से मिलने के बाद निठारी कांड के नरपिशाच सुरेंद्र कोली की परिवार को देखने की इच्छा भी जागृत हो गई। उसने अपने आठ साल के बेटे और पत्नी से मिलने की इच्छा वरिष्ठ जेल अधीक्षक से जताई है। वहीं दूसरी ओर जेल प्रशासन कोली से छुटकारा पाने के लिए उसे गाजियाबाद स्थानांतरण का प्लान तैयार कर रहा है। 29 अक्टूबर तक फांसी टलने के बाद फांसीघर पर डाला हुआ फंदा भी हटा लिया गया।
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली चार सितंबर को गाजियाबाद की डासना जेल से मेरठ की चौधरी चरण सिंह जेल में शिफ्ट किया गया था। उसकी फांसी की तैयारी चल ही रही थी कि सात सितंबर को रात एक बजे सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की तिथि एक सप्ताह के लिए टाल दी। शुक्रवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर तक के लिए उसकी फांसी टाल दी।
फांसी की तिथि आगे टलने के बाद कोली की चेतना जाग उठी है। मां कुंती से मिलने के बाद कोली में परिवार को देखने की हसरत जाग उठी है। पिछले आठ साल से जेल में बंद कोली ने परिवार के बारे में कभी जिक्र नहीं किया था। मां के मिलने के बाद अब उसे वरिष्ठ जेल अधीक्षक मोहम्मद हुसैन मुस्तफा से पत्नी शांति देवी, बेटी और अपने आठ साल के बेटे से मिलने की इच्छा जताई है। दरअसल, जब वह जेल भेजा गया था तब उसकी पत्नी गर्भवती थी और उसने बेटे को नहीं देखा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि यदि कोली का परिवार उससे मिलने आता है तो उसे मिलाने में देर नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि कोली को यहां से गाजियाबाद भेजने के लिए प्लान तैयार भी किया जा रहा है।
फांसीघर से रस्सा हटाया : कोली की फांसी टलने के बाद जेल के बंदीरक्षकों ने फांसीघर से रस्सा एकत्र कर अंदर रख दिया। जल्लाद से संपर्क भी बंद कर दिया गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि जेल प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी कर रखी है। आदेश मिलने के बाद तुरंत पालन कर दिया जाएगा।
