यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मानव संसाधन मंत्रालय ने दिए रोहित की आत्महत्या की न्यायिक जांच के आदेश
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने के आदेश दे दिए हैं।

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई थी जिसने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में मिले तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने छात्र की आत्महत्या की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। न्यायिक आयोग पूरी घटना और तथ्यों के आधार पर जांच कर अगले तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।
इस बीच यह भी खबर आ रही है कि स्मृति ईरानी ने रोहित की मां से बात की है। इससे पहले छात्रों के दबाव के आगे झुकते हुए हैदराबाद यूनिवर्सिटी ने चार छात्रों का निलंबन वापस ले लिया है, जिन्हें रोहित वेमुला के साथ 17 जनवरी को निलंबित किया गया था।
निलंबन करने वाली कमेटी को लेकर विवाद
निलंबन तो वापस हो गया, लेकिन निलंबन करने वाली कमेटी में किसी दलित की मौजूदगी का मुद्दा तूल पकड़ चुका है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था कि दलित छात्रों पर कार्रवाई करने वाली जांच समिति के अध्यक्ष दलित हैं जबकि एससी एसटी वर्ग के शिक्षक इसे गलत बता रहे हैं। केजरीवाल ने मंत्री के बयान को शर्मनाक बताया तो कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग कर रही है।
सजा का समर्थन नहीं किया: प्रोफेसर प्रकाश बाबू
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ प्रोफेसर प्रकाश बाबू ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें मंत्री ने दलित छात्र रोहित वेमुला के निलंबन के फैसले में प्रोफेसर का भी हाथ होने की बात कही थी। गौरतलब है कि रोहित वेमुला ने रविवार को खुदकुशी कर ली थी।
