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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंदौर एयरपोर्ट पर फिसला जेट एयरवेज का विमान, बाल-बाल बचे यात्री

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sat, 07 May 2016 10:05 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 08 May 2016 12:05 AM (GMT+05:30)

शनिवार की शाम जेट एयरवेज का एक विमान इंदौर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद रनवे पर फिसल गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। जेट एयरवेज का एक विमान शनिवार शाम इंदौर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद रनवे पर फिसल गया। विमान में 66 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे।

इस विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी। जेट एयरवेज ने एक बयान जारी कर बताया कि सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान (फ्लाइट संख्या 9डब्लू-2793) से सुरक्षित निकाल लिया गया।

शनिवार रात दिल्ली से इंदौर आ रहा जेट एयरवेज का विमान लैडिंग करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रात करीब आठ बजे लैडिंग के बाद रनवे पर रफ्तार से दौड़ रहा विमान अपनी दिशा भटक गया। पायलट के नियंत्रण से बाहर हुआ तेज रफ्तार विमान रनवे से उतरकर कच्चे मैदान में चला गया। हवाई पट्टी से 70 मीटर दूर जाकर विमान उस वक्त थमा जब उसके पहिए मिट्टी में धंस गए। विमान में झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुरमु, साध्वी ऋतंभरा समेत 68 यात्री सवार थे।

दुर्घटना के लिए शाम को हुई बारिश के साथ तेज रफ्तार हवाओं को जिम्मेदार माना जा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक शाम 7.55 पर जेट एयरवेज की दिल्ली-इंदौर फ्लाइट एनडब्ल्यू-2793 को लैंड करना था। तय समय पर विमान ने रनवे के एरोड्रम थाने वाले सिरे जिसे 025 कॉर्नर कहा जाता है पर लैंड किया। पहिए जमीन पर टिके और विमान रनवे पर तेजी से सिंहासा की ओर बने एयरपोर्ट के किनारे 07 कार्नर की ओर जाने लगा। करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद विमान की दिशा भटकी और वह रनवे के किनारे की ओर जाने लगा। रनवे से नीचे उतरा विमान 70 मीटर दूर जाकर कच्चे खेतों में पहुंचकर रुका। पहिए धंसने से विमान एक ओर झुक गया। यात्रियों में दहशत फैल गई। थोड़ी देर बाद विमान के गेट खुले और यात्रियों को सकुशल निकाला गया। दुर्घटना में किसी को भी चोट नहीं आई है।

5 मिनट और मौत का डर

विमान में सवार यात्री पंकज अग्रवाल ने बताया कि यूएस से लौटते हुए उन्होंने दिल्ली से इंदौर की फ्लाइट पकड़ी थी। लैडिंग तक सब ठीक था। कुछ ही सेकंड बाद विमान हिचकोले खाने लगा। ऐसा लगा कि तेज हवा विमान को पतंग की तरह हिला रही है। यात्रियों को झटके लगने लगे। क्रेश होने की आशंका में सवार सभी यात्री चिल्लाने लगे। विमान का कैबिन क्रू समझाइश देने लगा कि कुछ नहीं हुआ है। गनीमत थी कि सीट बेल्ट बंधे हुए थे इसलिए कोई भी गिरा नहीं। थोड़ी देर कच्चे में जाने के बाद विमान रुक गया। लेकिन इंजन बंद नहीं होने से गेट नहीं खुल पाए। पांच मिनट तक यात्री ऐसे ही अंदर बैठे रहे। कैबिन क्रू के सदस्य ढांढस बंधाते रहे। बाद में गेट खुले। उतनी देर में यात्रियों को लेने बस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस पहुंच गई थी। यात्रियों को उतारकर टर्मिनल में ले जाया गया। घबराए यात्रियों को चाय-पानी पिलाकर शांत किया गया।

दूसरी फ्लाट लेट, जांच के आदेश
विमान दुर्घटना के बाद दिल्ली और मंुबई की ओर जाने वाली फ्लाइट भी लेट हो गई। लैंडिंग करने वाले विमान को बाद में दिल्ली जाना था। इंडिगो की मुंबई वाली उड़ान भी लेट हो गई थी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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