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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गवर्नर ने नहीं मानी बात, तो हम दिल्‍ली में देंगे धरनाः केसी त्यागी

By T empEdited By:
Published: Mon, 09 Feb 2015 10:08 AM (IST)Updated: Mon, 09 Feb 2015 12:14 PM (IST)

बिहार के मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी को पद से हटाने के लिए आज नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और 130 ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को पद से हटाने के लिए आज नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और 130 विधायक राजभवन की तरफ कूच करेंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी का कहना है कि अगर राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने हमारी बात नहीं मानी तो हम दिल्ली में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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मांझी किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं, वह बिहार विधानसभा को भंग करने की मांग कर चुके हैं। इस बीच नीतीश कुमार ने भी सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। जेडीयू का कहना है कि उनके साथ 130 विधायक हैं। केसी त्यागी का कहना है, 'हम दोपहर डेढ़ बजे राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मिलेंगे। अगर वो नहीं होता, जो हम चाहते हैं तो हम दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे।' केसी त्यागी ने बताया कि जब वह राज्यपाल से मिलने जाएंगे, तो उनके साथ नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और 130 विधायक भी होंगे। बता दें कि राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी आज ही कोलकाता से पटना लौटे हैं।

वहीं जेडीयू नेता अली अनवर भी कह चुके हैं कि अगर राज्यपाल उनकी बात नहीं मानेंगे, तो वह राष्ट्रपति भवन की तरफ कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस हमारे साथ है। हमारे पास बहुमत है, जिसे हम साबित कर सकते हैं। इसके साथ अनवर ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल के पीछे भाजपा है। मांझी भाजपा के जाल में फंस गए हैं।

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इससे पहले बिहार का मुख्यमंत्री पद न छोड़ने के मांझी के अड़ियल रुख के बीच जदयू ने रविवार को समर्थित विधायकों की सूची राजभवन को सौंप दी। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के नेतृत्व में जदयू, राजद व कांग्रेस विधायक दल के सदस्य राजभवन पहुंचे।

उन्होंने नए नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया और राज्यपाल से सोमवार को सरकार गठन के लिए समय निर्धारित करने का अनुरोध किया। अब सभी की निगाहें सोमवार को राजभवन पहुंच रहे राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी के अगले कदम पर टिकी हैं।