यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इजरायल को अगले साल तक भारत से 1 लाख पर्यटक आने की उम्मीद
इस साल में जुलाई तक के 7 महीनों में हमने 34,000 भारतीय पर्यटकों की मेजबानी की है

मुंबई, पीटीआई। भारत से इजरायल जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अगले साल तक यहां एक लाख भारतीय पर्यटकों के आने की उम्मीद है। इजरायल के पर्यटन मंत्रालय के भारतीय डायरेक्टर हसन मदाह ने बताया कि, हम भारत में पर्यटन प्रोमोशन की तरफ ध्यान दे रहे हैं और वीजा प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने में कामयाब रहे हैं। इस साल में जुलाई तक हमने 34,000 भारतीय पर्यटकों की मेजबानी की है, यह संख्या साल के अंत तक 55,000 तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया, इस समय मुंबई से तेल अवीव तक 3 से 4 सीधी उड़ानें हैं और मध्य पूर्व से भी कई उड़ानें हैं। उन्होंने एयर इंडिया की कुछ डॉयरेक्ट उड़ानों के बारे में बताया है जो नई दिल्ली से सीधे इजरायल के लिए उड़ान भरेंगी। ये उड़ाने अगले कुछ महीनों से शुरू की जाएंगी। इनके शुरू होने के बाद भारत से पर्यटन ट्रैफिक बढ़कर 90 हजार तक होने की संभावना है।
ऐसा होने पर, हम भारतीय पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देख सकेंगे। पिछले कुछ सालों से हम भारत में पर्यटन उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और कई प्रोमोशनल इवेंट्स भी करवाते रहते हैं। इसी वजह से हमने 2018 के अंत तक एक लाख भारतीय पर्यटकों का टारगेट रखा है। इस साल भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इजरायल पर्यटन मंत्रालय भारत में 5 से 6 मिलियन अमरीकी डालर खर्च कर रहा है, उन्होंने कहा चूंकि पर्यटन आवागमन को बढ़ाता है इसलिए यह बजट और भी बढ़ने की संभावना है।
मदाह ने बताया, इजराइल ने अपने आप को एक सस्ते प्रीमियम पर्यटन स्थल के रूप में जगह दी है। यहां पर पर्यटन के लिए मुख्य रूप से तीर्थयात्रा, छुट्टियों की मीटिंग्स, सम्मेलन, इवेंट्स और शादियों के लिए उपयुक्त जगह है। उन्होंने बताया, हम मुख्य रूप से तीर्थयात्रा, अवकाश और एमआईसीसी के पर्यटन पर जोर दे रहे हैं क्योंकि भारत जैसे देश के बड़े हिस्से में ये गतिविधियां जोरों पर रहती हैं।
मादाह ने कहा, शुरूआत में हम एशिया के सिर्फ बड़े और मेट्रो शहरों पर फोकस करना चाहते हैं। भारत इजरायल के लिए बाजार का नंबर वन सोर्स था। हालांकि, चीन ने अब स्थिति पर कब्जा कर लिया है। हम मानते हैं कि कनेक्टिविटी के सुधार के बाद, भारत फिर से एशियाई देशों में हमारे लिए बाजार का नंबर वन स्रोत बन जाएगा। विश्व स्तर पर रूस सहित अमेरिका और यूरोप इजरायल के टॉप सोर्स मार्केट हैं।
