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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राफेल सौदाः पहली किश्त में फ्रांस को 6 हजार करोड़ देगा भारत

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Thu, 03 Mar 2016 05:02 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 03 Mar 2016 05:17 PM (GMT+05:30)

राफेल फाइटर प्लेन के लिए भारत और फ्रांस के बीच होने जा रहे सौदे में भारत फ्रांस को पहली किश्त ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। राफेल फाइटर प्लेन के लिए भारत और फ्रांस के बीच होने जा रहे सौदे में भारत फ्रांस को पहली किश्त में करीब 6 हजार करोड़ रुपए देगा। रक्षा मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि राफेल के लिए किश्तों में पेमेंट करना हमारे लिए राहत की बात है, क्योंकि इस मंत्नालय का बजट सीमित है।
अधिकारी ने कहा कि भारत को राफेल डील पर करीब 60 हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। उऩ्होंने बताया कि अहम जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए हमने ये 80 हजार करोड़ रुपए अलग रख दिए हैं। मंत्रालय इसे पिछली खरीद के पेमेंट पर खर्च करेगी। इस वित्तीय वर्ष में रक्षा मंत्रालय का कुल बजट 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपए है। नई खरीद के लिए उसे 80 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिले हैं।

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कई टेक्नालॉजी पुरानी हो गई हैं
अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर मामलों में टेक्नोलॉजी खरीदी जानी है। इनमें से कई पुरानी हो चुकी हैं। इसलिए उन मामलों को अब रद किया जा सकता है। जहां तक वर्तमान में राफेल के पहले किश्तों के लिए हमारे पास पूरा पैसा है। 2013-2014 में यूपीए सरकार ने 37 हजार करोड़ रुपए की खरीद की डील पर हस्ताक्षर किया था।
पेंडिंग हैं 342 खरीद केस-
अधिकारी ने बताया कि पिछले दो साल में मोदी सरकार ने इनका ही भुगतान किया है। फंड के बेहतर इस्तेमाल के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने तीनों सेनाओं से लंबित पड़े 342 खरीद केसों का री-इवैल्युएट करने को कहा है। इनमें कुछ 509 लाख करोड़ रुपए के 10 साल पुराने केस भी हैं।

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