विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिलाओं के बीच भी छाए नरेंद्र मोदी

By Edited By:
Published: Mon, 08 Apr 2013 07:39 AM (IST)Updated: Mon, 08 Apr 2013 08:46 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। गुजरात से बाहर आधी आबादी का दिल जीतने की शुरुआत में ही मोदी ने अपनी छाप ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। गुजरात से बाहर आधी आबादी का दिल जीतने की शुरुआत में ही मोदी ने अपनी छाप छोड़ दी, ठीक वैसे ही जैसे कुछ समय पहले दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में संबोधन के दौरान छात्रों-युवाओं के बीच छोड़ी थी। उद्योग चैंबर फिक्की के महिला संगठन [एफएलओ] में पहली बार भाषण देने आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश की नामी-गिरामी महिला उद्यमियों से भारी समर्थन लेकर लौटे हैं। महिला उद्यमिता व सशक्तिकरण पर भाषण देने आए मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसने में कोई कोताही नहीं बरती।

पिछले हफ्ते एक अन्य उद्योग चैंबर सीआइआइ में राहुल गांधी के भाषण के बाद पूरे देश के राजनीतिक माहौल में जिस तरह से 'मोदी बनाम राहुल' की चर्चा होने लगी है, वह फिक्की की महिला उद्यमियों के कार्यक्रम में मोदी के भाषण के बाद और मुखर हो गई है। गुजरात में महिलाओं की स्थिति को सुधारने और उनके सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए दर्जनों उदाहरणों के साथ मोदी यह संदेश देने में सफल रहे कि वह आगे भी महिलाओं को पूरा हक देने की मंशा रखते हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के संभावित उम्मीदवार समझे जाने वाले मोदी की इस पहल को गुजरात से बाहर आधी आबादी को आकर्षित करने के तौर पर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के एजेंडे के मुताबिक मोदी ने अपने भाषण को महिलाओं को बराबरी के हक, सशक्तिकरण और उद्यमिता के आसपास ही रखा, लेकिन विकास के गुजरात मॉडल को प्रचारित करने की हर संभव कोशिश भी की। साथ ही कांग्रेस और उसकी ओर से पीएम पद के लिए संभावित उम्मीदवार राहुल गांधी पर कटाक्ष भरे तीर भी छोड़े। जब उनसे यह पूछा गया कि वह अपने शासन में और क्या-क्या करना चाहते हैं? मोदी का जवाब था, 'अभी तक तो कांग्रेस ने जो गड्ढे छोड़े हैं उन्हीं को भर रहे हैं। भव्य और दिव्य गुजरात का निर्माण तो अब शुरू होगा।' महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर मोदी ने गुजराती महिला जेसु बेन की पिज्जा बनाने की उद्यमिता का जिक्र करते हुए कहा, 'इसके पहले कि मीडिया के मित्र अहमदाबाद जाकर यह पता लगाएं कि जेसु बेन भी कलावती की तरह तो नहीं थीं, मैं बता दूं कि उनकी मृत्यु पांच वर्ष पहले हो चुकी है, लेकिन जेसु बेन पिज्जा की बिक्री आज भी होती है।' ज्ञात हो कि सूखाग्रस्त विदर्भ में कलावती नाम की एक महिला का जिक्र राहुल गांधी ने कुछ वर्ष पहले संसद में अपने भाषण में किया था। कलावती के पति ने कर्ज न चुका पाने की वजह से आत्महत्या कर ली थी।

'एक सामान्य आदमी की तरह मुझमें भी तमाम कमजोरियां हैं..। मैं अभी उस स्थिति में नहीं हूं कि अपनी समीक्षा कर सकूं। यह आप लोगों को करना है। अगर मुझमें कोई कमी है तो कृपया बताइए, दूर करने की कोशिश करूंगा।'

-नरेंद्र मोदी, फिक्की के मंच पर

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर