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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में आफत की बारिश, केदारनाथ यात्रा फिर रोकी गई

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Published: Mon, 28 Jul 2014 09:04 AM (IST)Updated: Mon, 28 Jul 2014 09:17 AM (IST)

उत्तराखंड में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारी बारिश से हुए भूस्खलन से ...और पढ़ें

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देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हो गई। आफत की इस बारिश की वजह से केदारनाथ यात्रा को 29 जुलाई तक रोक दिया गया है। राज्य की नदियां भी उफान पर है। प्रदेश में बारिश और बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-ब्यस्त हो गया है।

मौसम विभाग ने पहले ही राज्य में भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी। आफत की बारिश को लेकर नैनीताल, चमोली, चंपावत, उत्तरकाशी और देहरादून में एलर्ट घोषित कर दिया गया है। आपदा नियंत्रण टीम को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

कमी की भरपाई कर रहा मानसून, चिंता की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जीतेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि आगामी हफ्तों में मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद है इसलिए चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं।

मंत्री ने कहा कि पहले छह हफ्तों के दौरान मानसून औसत से 43 फीसद कम रहा। यह कमी अब घटकर 32 फीसद रह गई है। इस तरह मानसून ने 11 फीसद की तरक्की की। भविष्यवाणी के अनुसार आने वाले हफ्तों में विशेषकर मध्य व पूर्वोत्तर भारत में मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद है। हम देशवासियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि यह अच्छी खबर है और चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं।'

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव शैलेष नायक ने बताया कि जुलाई में 93 फीसद और अगस्त में 96 फीसद वर्षा का अनुमान है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस महीने के बचे हुए दिनों में होने वाली बारिश पर भी नजर रखनी होगी। बता दें कि मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल कमजोर मानसून की भविष्यवाणी की है।

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