यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ओएनजीसी, रिलायंस के लिए गैस मूल्य में होगी 60 फीसद वृद्धि
ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों को चुनौतीपूर्ण इलाकों से गैस निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नई दिल्ली। ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों को चुनौतीपूर्ण इलाकों से गैस निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार की ऐसे क्षेत्रों की प्राकृतिकगैस की कीमतों में करीब 60 फीसद तक वृद्धि करने की योजना है।
घरेलू गैस की कीमत अभी अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे गैस निर्यातक देशों में औसत कीमतों के हिसाब से तय होती है। मगर, इन कीमतों पर गहरे समुद्री क्षेत्रों या अधिक चुनौतीपूर्ण इलाकों में गैस की खोज और निकासी आकर्षक नहीं रह गई है।
ऐसे इलाकों से निकलने वाली गैस का मूल्य सरकार ने वैकल्पिक ईंधन- नैप्था व फ्यूल ऑयल के साथ आयातित एलएनजी की औसत कीमत के आधार पर तय करने की योजना बनाई है। देश में प्राकृतिक गैस की कीमत फिलहाल 3.82 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू है।
अप्रैल में यह घटकर 3.15 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू रह जाएगी। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि यह दर उत्खनन को प्रोत्साहन देने के लिए काफी नहीं है।
लिहाजा सरकार ने गहरे समुद्र, अति गहरे समुद्र और ऊंचे तापमान, अधिक दबाव वाले क्षेत्र में गैस खोजने के लिए नैप्था, फ्यूल ऑयल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की औसत आयातित कीमत के आधार पर मूल्य निर्धारण की योजना बनाई है।
इस तरीके से एलएनजी, फ्यूल ऑयल और नैप्था की मौजूदा दरों के आधार पर गैस की कीमत छह डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से अधिक बैठेगी।
