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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन का दखल रोकने के लिए ढाका जाएंगे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर

By Lalit RaiEdited By:
Published: Wed, 16 Nov 2016 09:00 AM (IST)Updated: Wed, 16 Nov 2016 10:06 AM (IST)

रक्षा क्षेत्र में संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर नवंबर के आखिरी हफ्ते में ढाका का दौरा करेंगे।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। बांग्लादेश में चीन की पैठ को कमजोर करने के लिए भारत सरकार एक समग्र योजना पर काम कर रही है। इस क्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर 30 नवंबर को दो दिन की यात्रा पर ढाका जाएंगे।बीते सोमवार को चीन ने बांग्लादेश को सबमरीन की आपूर्ति की है। बांग्लादेश में चीन अपनी पकड़ को और मजबूत बनाकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। चीन का जवाब देने के लिए भारत इस समय बांग्लादेश के साथ मिलकर तनगैल में संप्रति नाम से संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहा है।

दिसंबर में शेख हसीना आएंगी भारत

रक्षा सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्री के ढाका दौरे में सैन्य साजोसामान के साथ-साथ आतंकविरोधी अभियानों पर बातचीत होगी। दिसंबर में बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना की भारत यात्रा से पहले रक्षा मंत्री का दौरा अहम है। हाल के वर्षों में शायद पहली बार कोई भारतीय रक्षा मंत्री बांग्लादेश का दौरा करेगा।

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चीन ने ढाका को दी सबमरीन

सोमवार को चीन ने लियाओनिंग प्रांत के डालियन सीपोर्ट पर चीन मे दो डीजल सबमरीन को बांग्लादेश के हवाले किया था। भारत सरकार का मानना है कि इस सौदे के बाद बीजिंग और ढाका एकदूसरे के करीब आ सकते हैं जो किसी भी रूप में भारत के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है।

शी जिनपिंग ने ढाका का किया था दौरा

अक्टूबर के मध्य में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ढाका का दौरा किया है। पिछले 30 साल में ढाका का दौरा करने वाले वो पहले राष्ट्रपति हैं। शी के ढाका दाैरे के समय 25 बिलियन डॉलर के करीब 25 सौदों पर सहमति बनी। जानकारों का कहना है कि चीन की तुलना में भारत की सैन्य और आर्थिक क्षमता दोनों कमतर है। लेकिन भारत कूटनीति के जरिए बांग्लादेश में चीन के प्रभाव को कम कर सकता है।

OPV के जरिए भारत बना सकता है पकड़

जानकारों का कहना है कि हिंद महासागर में जिस तरह भारत ओपन पैट्रोल वेसेल की आपूर्ति के के जरिए श्रीलंका, मालदीव, सेसेल्स, मारीशस में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ठीक वैसे ही वो बांग्लादेश को ओपीवी उपलब्ध कराकर ढाका के साथ रिश्ते को और मजबूत कर सकता है।

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