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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुला राज: इश्क में मुकाम न मिला तो बन गया हिस्ट्रीशीटर

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Published: Fri, 20 Dec 2013 01:11 PM (IST)Updated: Fri, 20 Dec 2013 01:14 PM (IST)

लखनऊ। अलीगढ़ में कश्मीर से आईं मरियम फारूख ने गुरुवार को उमर फारूख कश्मीरी की लाश की पहचान तो अपने ...और पढ़ें

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लखनऊ। अलीगढ़ में कश्मीर से आईं मरियम फारूख ने गुरुवार को उमर फारूख कश्मीरी की लाश की पहचान तो अपने बेटे के रूप में की ही। इसके साथ ही यह राज भी खुला कि इश्क में मुकाम न मिलने से वह अपराध की दुनिया में दाखिल हो गया था। अपनी प्रेमिका के मंगेतर की हत्या करवाने के बाद वह अपराध के दलदल में धंसता ही चला गया।

खुर्जा में बाइक चुराने के इरादे से उमर फारुख तथा अरविंद की जोड़ी अलीगढ़ में सुबह से ही घूम रही थी। खुर्जा कोतवाली प्रभारी केएन मिश्र के अनुसार मंगलवार दोपहर दोनों कोतवाली के पास सैलून पर शेव कराने गए थे। वहां उमर ने मोबाइल से नाई के बेटे को बुलाकर उससे अपनी शेविंग कराई थी। मोबाइल की यही काल पुलिस के लिए मददगार बन गई। पुलिस ने नाई के बेटे को हिरासत में ले रखा है। पुलिस को कई अहम जानकारी मिलीं हैं।

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दोनों बदमाश खुर्जा के गांव मंसूरपुर में किसी के घर दावत में गए थे। खुर्जा में विवाह समारोह में बाइक चोरी कर भागते दो बदमाशों को लोगों ने पीट कर मार दिया था। इनमें से एक छह हजार रुपये का इनामी बदमाश उमर फारुख था। उमर के साथी की पहचान अरविंद सिंह निवासी गांव बगराई थाना खुर्जा के रूप में हुई है। उमर के पिता वली मोहम्मद जिला सिवान के रहने वाले हैं। वह कश्मीर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उनके चार बेटों में उमर ही गलत राह पर चला गया।

मरियम के अनुसार 1995 में उमर को एक युवती से प्रेम हो गया लेकिन उसके परिवारवालों उसकी शादी कहीं और तय कर दी। उमर ने 1997 में प्रेमिका के होने वाले पति की हत्या करवा दी। इसके बाद ही उमर अपराध की दुनिया में दाखिल हो गया। उमर थाना सिविल लाइन में हिस्ट्रीशीटर था। उमर व खुर्रम की जोड़ी ने अलीगढ़ में कई वारदात की थीं। जवां क्षेत्र के गांव सुमेरा का इकबाल भी इनसे जुड़ गया था। उमर ने मसूदाबाद चौराहे से मीट कारोबारी से 19 लाख लूटे थे। सेंटर प्वाइंट पर साथियों के साथ कारोबारी से छह लाख लूटे थे। उमर की मां मरियम का मायका अलीगढ़ में है। इसी कारण सिवान छोड़कर उमर यहां सिविल लाइंस क्षेत्र में पान वाली कोठी के पास सिवान हाउस में रहने लगा था।

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