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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घरेलू दबाव को दरकिनार कर श्रीलंका जा सकते हैं पीएम

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Published: Thu, 31 Oct 2013 09:34 PM (IST)Updated: Thu, 31 Oct 2013 09:37 PM (IST)

नई दिल्ली [जाब्यू]। तमिल सियासत के दबाव में अब तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष सम्मेलन के लिए अगले ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जाब्यू]। तमिल सियासत के दबाव में अब तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्ष सम्मेलन के लिए अगले माह श्रीलंका दौरे पर फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, संकेत हैं कि रणनीतिक हितों के मद्देनजर पीएम घरेलू सियासत को दरकिनार कर 15-16 नवंबर को पड़ोसी मुल्क की यात्रा के हक में फैसला करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस पर निर्णय की प्रक्रिया चल रही है। मंत्रालय प्रवक्ता के मुताबिक राष्ट्रीय हित के सभी पहलुओं, विदेश नीति की प्राथमिकताओं व अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। बुधवार को कांग्रेस कोर ग्रुप में इस मामले पर मंथन हुआ था।

पढ़ें : श्रीलंका में राष्ट्रमंडल सम्मेलन में शिरकत पर कांग्रेस का मंथन

सूत्रोंके मुताबिक कूटनीतिक स्तर पर प्रधानमंत्री को यही सलाह दी गई है कि राष्ट्रमंडल बैठक के लिए उनका श्रीलंका जाना भारत के लिए हितकर होगा। अगर पीएम नहीं जाते हैं तो श्रीलंका जैसे अहम पड़ोसी के साथ रिश्तों को साधना कठिन होगा, जो आगे चलकर रणनीतिक परेशानियां बढ़ा सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त प्रसाद करियावासम कह चुके हैं कि अगर भारत सम्मेलन में शिरकत नहीं करता तो वह अलग-थलग पड़ जाएगा। श्रीलंका में तमिलों के साथ अत्याचार की दुहाई देते हुए तमिलनाडु की कई राजनीतिक पार्टियां प्रधानमंत्री के श्रीलंका दौरे का विरोध कर रही हैं। वहीं, तमिलनाडु विधानसभा ने भी प्रस्ताव पारित कर पीएम से श्रीलंका दौरा न करने का आग्रह किया है।

हालांकि, श्रीलंका की उत्तरी प्रांत परिषद के मुख्यमंत्री सीवी विग्नेश्वरन ने पीएम को जाफना दौरे का न्योता दिया है। इसकी तस्दीक करते हुए विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आमंत्रण के साथ ही भारतीय सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री घरेलू मोर्चे पर उठे राजनीतिक विरोध को संतुलित करने के लिए कोलंबो के साथ ही जाफना का दौरा भी कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के दौरे के लिए तैयारियां पहले ही कर रखी हैं।

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