विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नौकरी डॉट कॉम में साइबर क्राइम का भंडाफोड़

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Sat, 29 Oct 2016 03:25 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 29 Oct 2016 03:34 AM (GMT+05:30)

प्रसिद्ध ऑनलाइन कंपनी नौकरी डॉट काम में हुए साइबर क्राइम का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच जम्मू ने गाजियाबाद से ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, जम्मू : प्रसिद्ध ऑनलाइन कंपनी नौकरी डॉट काम में हुए साइबर क्राइम का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच जम्मू ने गाजियाबाद से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे ठगी के 11,02,880 रुपये भी बरामद किए हैं।

ठगी के इस मामले में कुछ और लोगों के भी पकड़े जाने की उम्मीद है। क्राइम ब्रांच के पास सांबा निवासी अरुण बंद्राल ने शिकायत दर्ज करवाई थी।

अरुण ने कहा कि उसने नौकरी डॉट कॉम में बायोडाटा देते हुए नौकरी के लिए आवेदन दिया था। कुछ दिन बाद एक्सपर्ट नौकरी सर्विस से आशीष का फोन आया। उसने अपना खाता नंबर देते हुए 2500 रुपये जमा करवाने को कहा। आशीष का दोबारा फोन आया और उसने 6500 रुपये वेरीफिकेशन व 16,800 रुपये जाब सिक्योरिटी के नाम पर जमा करवाने को कहा।

कुछ दिनों बाद आर्यन ने उसे फोन किया और कहा कि उसका टाटा प्रोजेक्ट कंपनी में चयन हो गया है। उसे कंपनी के खाते में 25,400 रुपये जमा करवाने होंगे। कुछ दिन बाद दोबारा आर्यन का फोन आया और उसने कहा कि इंटरव्यू पास करने के लिए उसे 27,890 रुपये जमा करवाने होंगे।

इसी तरह उसे 4,21,280 रुपये जमा करवाने को कहा गया जो उसने जमा करवाए। कुछ दिन पश्चात उसे आफर लेटर मिला और एक अज्ञात व्यक्ति उसने घर वेरीफिकेशन करने भी आया। इसके बाद दोबारा आर्यन का फोन आया और उसने कहा कि उसका चयन हो गया है।

नौकरी ज्वाइन करने के लिए चार लाख रुपये जमा करवाने होंगे। शिकायत में अरुण ने कहा कि उसने इस तरह कुल 15,92,380 रुपये जमा करवाए। उसे नौकरी नहीं मिली और न ही पैसा वापस मिला। क्राइम ब्रांच ने साइबर क्राइम का भंडाफोड़ करते हुए गाजियाबाद से प्रतीक शर्मा, गौरव त्यागी, मनी मसीह गिल व संदीप भट्टी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11,02,880 रुपये भी बरामद किए। क्राइम ब्रांच के अनुसार इन्हीं लोगों ने नाम बदल कर अरुण को ठगा था।

पढ़ें- अप्रासंगिक हो चुकी स्वायत्त संस्थाओं पर गिर सकती है गाज

पढ़ें- पाक उच्चायोग व आइएसआइ अधिकारियों के संपर्क में था शोएब