यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हेलीकॉप्टर घोटाले में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज
वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में दी गई 360 करोड़ रुपये की दलाली की रकम की खोज में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ...और पढ़ें

नई दिल्ली। वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में दी गई 360 करोड़ रुपये की दलाली की रकम की खोज में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जुट गया है। इस मामले में सीबीआइ ने मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनकी कोशिश सीबीआइ के साथ मिलकर दलाली की रकम का पता लगाकर उसे जब्त करने की होगी। वैसे ईडी इस मामले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत पहले से जांच कर रहा था।
ईडी ने अपनी एफआइआर में वायुसेना के पूर्व अध्यक्ष एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों समेत उन सभी नौ लोगों को भी आरोपी बनाया है, जिनका नाम सीबीआइ के केस में भी दर्ज था। वैसे ईडी ने इस मामले में कुल 13 लोगों एवं कंपनियों को नामजद किया है। ज्ञातव्य है पिछले साल सीबीआइ ने त्यागी व उनके रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फिलहाल सीबीआइ से मिले दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है और रक्षा मंत्रालय से भी कुछ दस्तावेज मंगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में आरोपियों से पूछताछ शुरू की जाएगी। इसके साथ इटली और कुछ अन्य यूरोपीय देशों सहित उन देशों की अदालतों को भारतीय अदालत से सहयोग के लिए पत्र (लेटर रेगोटरी) भी भेजा जाएगा, जहां की कंपनियों के माध्यम से दलाली की रकम भेजी गई थी।
पीएमएलए के तहत ईडी को दलाली की रकम को जब्त करने का अधिकार है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी पहले ही कुछ अभियुक्तों की उन चल एवं अचल संपत्तियों की पहचान कर चुकी है जिन्हें मनी लांड्रिंग कानून के प्रावधानों के तहत जब्त किया जाना है।
