यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'भारत को अपने संसाधनों का प्रयोग नहीं करने दे रहे चीन और पाकिस्तान'
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा, 'चीन और पाकिस्तान हमें अपनी ही संपत्ति पर दावा नहीं करने देंगे। ब्रह्मपुत्र नदी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश की सीमाओं की जब तक प्रभावशाली तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक चीन और पाकिस्तान भारत को अपने संसाधनों का उपयोग नहीं करने देंगे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने 'सीमा प्रबंधन और अवैध व्यापार' पर फिक्की की ओर से आयोजित एक सेमिनार में गुरुवार को यह बात कही।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा, 'चीन और पाकिस्तान हमें अपनी ही संपत्ति पर दावा नहीं करने देंगे। ब्रह्मपुत्र नदी के अपने हिस्से के पानी पर भी हम दावा नहीं कर सकते क्योंकि हमने उसके उपयोग में देर कर दी। सीमा क्षेत्रों के खनिज भंडारों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन असुरक्षित सीमाओं की वजह से हम ऐसा नहीं कर पाते। अगर हम इन खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने में सफल हो गए तो मुझे नहीं लगता कि हमारा देश निर्धन रह पाएगा।' उन्होंने कहा कि लद्दाख में खनिजों समेत प्राकृतिक संसाधनों का विशाल भंडार है क्योंकि वहां हर दस किलोमीटर के बाद पहाड़ अपना रंग बदल लेते हैं।
उधर, पिछले महीने चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी की तिब्बत में एक सहायक नदी को ब्लॉक कर दिया था। वह इस पर एक बेहद महंगी पनबिजली परियोजना का निर्माण कर रहा है। इसने भी भारत को चिंतित किया है। पिछले साल भी चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर तिब्बत की सबसे बड़ी जैम पनविद्युत परियोजना को चालू किया था।
