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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ताजमहल के टिकटों की री सेलिंग पर खलबली

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Published: Thu, 13 Feb 2014 03:08 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 13 Feb 2014 03:11 PM (GMT+05:30)

ताजनगरी में सैलानियों की आमद घटने के सवाल पर री सेलिंग के जवाब ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआइ) पसीना-पसीना हो ...और पढ़ें

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लखनऊ। ताजनगरी में सैलानियों की आमद घटने के सवाल पर री सेलिंग के जवाब ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआइ) पसीना-पसीना हो गया है। जवाब भी खुद केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमार कटोच ने दिया है, ऐसे में मुश्किल ज्यादा है। अब विभागीय अफसर मुख्यालय से जांच आने का इंतजार रहे हैं।

भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया आगरा डवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमार कटोच से मुलाकात की थी। प्रतिनिधि मंडल के मुताबिक खुद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ताजनगरी में पर्यटक कम नहीं हुए हैं, टिकटों की री सेलिंग के कारण आंकड़ा घट गया है और वह इसकी जांच कराने जा रही है। केंद्रीय मंत्री के रुख की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर खलबली मची हुई है। गौरतलब है कि पूर्व में ताज सहित सभी स्मारमों पर जमकर री सेलिंग का खेल चलता था, लेकिन कुछ अर्से से विभाग ताज पर री सेलिंग न होने का दावा कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री की बात से अधिकारी भी हैरान और परेशान हो गए हैं। हालांकि अब तक जांच के संबंध में कोई आदेश-निर्देश अब तक नहीं आया है। विभागीय अधिकारी रिपोर्ट पहले से ही तैयार कर ले रहे हैं, जिससे यदि जांच होती है तो अपना पक्ष रखा जा सके।

ऐसे होती है रीसेलिंग

रीसेलिंग का खेल, कर्मचारी व गाइडों की मिलीभगत से होता है। सैलानियों के प्रवेश के समय गाइड जो टिकट देता है, चेकिंग करने वाला उन टिकटों को रख लेता है और पहले से पंच की जा चुकी टिकटें वापस कर देता है। ऐसे में बिना पंच की गई टिकट वापस बिक्त्री के लिए टिकट खिड़की पर पहुंच जाती है।

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