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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दलितों की मदद के लिए सरकार का अतिरिक्त फंड देने का फैसला

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 27 Jan 2016 08:16 PM (IST)Updated: Wed, 27 Jan 2016 08:34 PM (IST)

आर्थिक दृष्टि से पिछड़े दलितों को सामाजिक आर्थिक विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त फंड ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। आर्थिक दृष्टि से पिछड़े दलितों को सामाजिक आर्थिक विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त फंड देने का फैसला किया है। इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) की अधिकृत पूंजी में 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एनएसएफडीसी की पूंजी को बढ़ाकर 1200 करोड़ रुपये करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इससे अनुसूचित जाति के गरीबों को अधिक मदद मिल सकेगी। मंत्रालय ने कहा कि शेयर पूंजी बढ़ाए जाने से इसका दायरा बढ़ेगा और अपेक्षाकृत बड़े वर्ग को ऋण वितरण किया जा सकेगा।

कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-आइएन) के मलेशिया, सिंगापुर और जापान के साथ हुए समझौतों पर भी मुहर लगा दी। संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, ये समझौते साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित हैं।

यह है इस साल का लक्ष्य

एनएसएफडीसी सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के तहत काम करता है।

इसने वित्त वर्ष 2015-16 में 63,000 लाभार्थियों की मदद करने का लक्ष्य रखा है।

यह 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 37 सरकारी एजेंसियों के जरिये योजनाओं को लागू करता है।

एनएसएफडीसी सार्वजनिक क्षेत्र के चुनिंदा बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य संस्थानों के जरिये इन योजनाओं का कार्यान्वयन करेगा।

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