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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंदिरों में बीफ रखकर रमजान के दौरान दंगे भड़काना चाहता था IS माड्यूल!

By kishor joshiEdited By:
Published: Thu, 30 Jun 2016 07:45 AM (IST)Updated: Thu, 30 Jun 2016 09:46 AM (IST)

बुधवार को हैदराबाद में एनआईए ने द्वारा आईएस के जिस माड्यूल का भंडाफोड़ किया था वो रमजान के दौरान मंदिरों में गौमांस रखकर दंगे भड़काना चाहता था।

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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में बुधवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के माड़यूल का भंडाफोड़ करते हुए 11 युवकों को हिरासत में लिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, ये युवक विस्फोटक बम धमाकों द्वारा शहर के वीवीआईपी और भीड़भाड वाले इलाकों को निशाना बनाना चाहते थे। इसके अलावा जांच एजेंसियों को यह भी पता लगा है कि ये लोग चारमीनार के पास स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में गोमांस और भैंस का मांस रखकर शहर में दंगे भड़काना चाहते थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आईएस का यह माड्यूल रमजान के इस पवित्र माह के दौरान मंदिरों में मांस रखकर शहर में तनाव उत्पन्न करना चाहता है। गिरफ्तार किये गए युवा भारत में आईएस की भर्ती का काम देख रहे चीफ हैंडलर शैफी अरमार के साथ लगातार संपर्क में थे। एनआई पिछले 4-5 महीने से इनपर नजर रखे हुए था।

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25 जून की शाम को टेलीफोन पर हुई बातचीत को सुनने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इन संदिग्धों को हिरासत में लेने का फैसला किया। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए एनआईए के एक सूत्र ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से कह रहा था, "उस दिन गाय और भैंस के मांस के चार-चार टुकड़े लाना और अगले दिन गोमांस के सात टुकड़े लाना।" सूत्र ने बताया कि अगले कुछ दिनों में हमला हो सकता था और माड़यूल के लिए फंड दुबई के रास्ते आ रहा था।

एनआईए द्वारा 'हैदराबाद माड्यूल' का खुलासा करना एक बड़ी सफलता है क्योंकि यह भारत में आईएस से प्रेरित पहला बड़ा आधुनिक हथियारबंद गुट है। इससे पहले रूड़की माड्यूल के पास हथियार मिले थे लेकिन उनके पास मिल आईईडी इतने चिंताजनक नहीं थे। इसी तरह जनवरी माह के दौरान मुबंई के मुदाबिर शेख के माड्यूल का भंडाफोड किया गया था जिसके पास हथियार तो नहीं थे लेकिन वह बम बनाने में पारंगत थे।

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मोहम्मद इलियास यजदानी, अब्दुल्ला बिन अहमद अल अमोदी, हबीब मोहम्मद, और मोहम्मद ईरफान को बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया जबकि अन्य 6 युवकों से पूछताछ जारी है। सभी संदिग्धों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। ये युवा ग्रेजुएट है और जॉब भी करते हैं, इनमें से कुछ तो कम्प्यूटर इंजीनियर भी है और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

गोमांस को लेकर टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद एनआई ने इन्हें गिरफ्तार करने का निर्णय लिया। एक एनआईए अधिकारी ने बताया, "यह बातचीत हमारे लिए एक क्लू थी। हमारा अनुमान है कि आईएस से प्रेरित ये युवा सीरिया में बैठे हैंडलर शैफी अरमार उर्फ 'आमिर' के साथ निरंतर संपर्क में थे और वीवीआईपी और मॉल्स, शापिंग सेंटर्स चारमीनार से सटे इलाकों को निशाना बनाना चाहते थे, भाग्यलक्ष्मी मंदिर भी एक संभावित निशाना हो सकता था।"