यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक बॉर्डर एक्शन टीमों ने दिया हमले को अंजाम
कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हताश आतंकियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीमों ने आतंकियों के साथ मिलकर चकना-दा-बाग में हमला किया।

जागरण ब्यूरो, जम्मू। कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हताश आतंकियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीमों ने आतंकियों के साथ मिलकर चकना-दा-बाग में हमला किया। हमला करने वालों में पाकिस्तान सेना की 801 मुजाहिद बटालियन के जवान भी शामिल थे। उन्होंने आतंकियों के साथ मिलकर हमले को अंजाम दिया। घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा व नियंत्रण रेखा पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट कर दिया गया है।
सेना की उत्तरी कमान के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि मंगलवार सुबह भारतीय सेना के गश्ती दल पर घात लगाकर हमला करने वाले दल में पाकिस्तानी सैनिकों के साथ करीब बीस आतंकी थे। सभी अग्रिम इलाकों में तैनात सैन्याधिकारियों और जवानोंको किसी भी घटना से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है। सभी फील्ड कमांडरों को अपने अपने क्षेत्र में बने रहने के लिए कहा गया है।
हाल में कुछ आतंकी हमलों के बाद सेना व सुरक्षाबलों ने राज्य में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए जुलाई व अगस्त में 19 दुर्दात आतंकियों को मार गिराया। यह आतंकियों के लिए बड़ा झटका था। इससे हताश होकर ही पाकिस्तान ने यह कार्रवाई की है। पाकिस्तान लगातार कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ करवाने का प्रयास कर रहा है। इस साल घुसपैठ करवाने के सत्रह प्रयासों को नाकाम करते हुए सेना ने 13 आतंकी मारे हैं।
नई यूनिट का मनोबल गिराने को किया हमला
राजौरी। पुंछ सीमा पर तैनात हो रही सेना की नई यूनिट का मनोबल गिराने के लिए पाकिस्तान ने यह हमला किया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम के पास इसकी पूरी जानकारी थी। जानकारी के अनुसार, सीमा पर पहले बिहार रेजीमेंट तैनात थी। इस रेजीमेंट को दूसरे क्षेत्र में भेजकर मराठा लाई रेजीमेंट को तैनात किया जा रहा है। सरला पोस्ट पर भी यह प्रकिया जारी थी और इसी बीच पाकिस्तान ने यह हमला कर दिया।
सीमा व्यापार व बस सेवा पर असर
राजौरी। पाक सेना की बर्बरता का असर सीमा पर जारी व्यापार व बस सेवा पर भी दिखा। मंगलवार को दोनों देशों के बीच व्यापार बंद रहा और बुधवार को भी यह बंद रहेगा। आठ जनवरी को कृष्णा घाटी सेक्टर में हुई घटना के बाद भी काफी समय तक व्यापार व बस सेवा ठप रही थी। उसके बाद दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग होने पर सेवाएं बहाल हो पाई थीं। अब यह हमला चकना-दा-बाग के काफी करीब हुआ है। इससे व्यापार व बस सेवा पर असर पड़ना तय है। ऐसे में जो भी लोग भारत से गुलाम कश्मीर गए हैं या वहां से भारत आए हैं, उन्हें कुछ समय अपने वतन लौटने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
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