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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब केजरी के खिलाफ भाजपा पहुंची राष्ट्रपति के पास

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Thu, 21 May 2015 09:43 PM (IST)Updated: Thu, 21 May 2015 09:57 PM (IST)

जहां केंद्र सरकार नजीब-केजरीवाल जंग से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन भाजपा ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया ...और पढ़ें

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नई दिल्ली । जहां केंद्र सरकार नजीब-केजरीवाल जंग से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन भाजपा ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपराज्यपाल नजीब जंग, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बाद गुरुवार को भाजपा विधायकों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। वहीं, गृह मंत्रालय दिल्ली सरकार के अधिकारियों के उत्पीड़न के आरोपों पर नजर रखे हुए है।

बिजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे विधायकों ने दिल्ली सरकार पर नियमों की धज्जियां उड़ाकर मनमाने तरीके से प्रशासन चलाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर उपराज्यपाल के खिलाफ मोर्चा खोल रही है। जबकि संविधान में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के कामकाज के अधिकार क्षेत्र का स्पष्ट बंटवारा है। वरिष्ठ अधिकारियों को अपमानित और प्रताडि़त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को प्रशासनिक दुर्दशा की ओर धकेल दिया गया है।

इसके साथ ही भाजपा विधायकों ने पिछले तीन महीने के दौरान केजरीवाल सरकार के मनमाने फैसलों की फेहरिस्त भी पेश की। इनमें मीडिया के खिलाफ जारी सर्कुलर से लेकर नियम के खिलाफ 21 सदस्य सचिवों की नियुक्ति तक शामिल हैं। विधायकों का कहना था कि केजरीवाल फर्जी डिग्री के मामले में अपने मंत्री और विधायकों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों के अपमान और प्रताड़ना के आरोपों को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी ऐसी शिकायतें लेकर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को फिलहाल इमानदारी से अपनी ड्यूटी करने का कहा गया है। लेकिन साथ ही उन्हें भरोसा दिया गया है कि उनके साथ किसी तरह की ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।

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