विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेहरू-पटेल का मुद्दा भाजपा ने फिर गरमाया

By Edited By:
Published: Thu, 31 Oct 2013 12:43 AM (IST)Updated: Thu, 31 Oct 2013 12:44 AM (IST)

गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जंयती शायद विवादों के बीच मनेगी। सरदार पटेल के अंतिम संस्कार में जवाहर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जंयती शायद विवादों के बीच मनेगी। सरदार पटेल के अंतिम संस्कार में जवाहर लाल नेहरू की कथित गैर मौजूदगी को लेकर विवाद थमा नहीं कि भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने उसे फिर गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि नेहरू पटेल के संस्कार में ही नहीं, पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के अंतिम संस्कार में भी नहीं गए थे। दो दिन पहले ही मोदी के एक साक्षात्कार को लेकर विवाद गरमाया था। हालांकि, उसके बाद मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था।

पढ़ें: पटेल पहले पीएम होते तो भाजपा, संघ न होते

रविशंकर ने एक पुराने सूत्र के हवाले से कहा कि नेहरू संभवत: पटेल के अंतिम संस्कार के बाद शोक जताने गए थे। उन्होंने यह दावा भी किया कि राजेंद्र प्रसाद के अंतिम संस्कार में भी नेहरू नहीं गए थे। सरदार पटेल के प्रति उपजे कांग्रेस के हालिया प्रेम को दिखावा करार देते हुए उन्होंने कहा कि नेहरू से लेकर राजीव गांधी के कार्यकाल तक किसी ने पटेल को भारत रत्न क्यों नहीं दिया?

यह काम बाद में नरसिंह राव सरकार के काल में हुआ। मंगलवार को मोदी ने एक सम्मेलन में पटेल को नेहरू के आगे खड़ा करते हुए कहा था कि पटेल पहले प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर अलग होती।

रविशंकर ने कहा कि विभाजन के बाद देश की 554 में 553 रियासतों को पटेल ने एक सूत्र में बांधा था। वहां अब तक कोई विवाद नहीं है। सिर्फ एक रियासत जम्मू-कश्मीर नेहरू के हवाले की गई थी, जो आज भी परेशान कर रहा है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर