यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
20 रुपये में आठ लोगों को भरपेट खाना
गरीब व गरीबी का उपहास उड़ाने वाले कांग्रेसी नेताओं के विवादित बयानों का सिलसिला थम नहीं रहा। दिल्ली में पांच ...और पढ़ें

गुवाहाटी। गरीब व गरीबी का उपहास उड़ाने वाले कांग्रेसी नेताओं के विवादित बयानों का सिलसिला थम नहीं रहा। दिल्ली में पांच रुपये में भरपेट खाना तो मुंबई में 12 रुपये में पेट भरने की बात से आगे निकलते हुए असम के कृषि मंत्री निलोमोनी सेन देका ने 20 रुपये में आठ लोगों का यानी ढाई रुपये में एक व्यक्ति को भरपेट खाना मिलने का दावा किया है। हालांकि उनके इस बयान से मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने खुद को दूर रखा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि मैं अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांग सकता। मैं सप्ताह भर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर अपनी बात सिद्ध करूंगा। उनके इस बयान पर राज्य में तीखी प्रतिक्रिया हुई और राजनीतिक पार्टियों ने कड़ी आलोचना की। कृषि मंत्री के बयान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका व्यक्तिगत मामला है।
बयान को लेकर प्रदेश के तमाम संगठन भी सड़क पर उतर आए और मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष असम गण परिषद के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार महंत ने कहा कि देका ये बताएं कि वे अपने भोजन पर कितना पैसा प्रतिदिन खर्च करते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सर्बनंदा सोनोवाल ने कहा कि देका मुख्यमंत्री के साथ आम आदमी की तरह बाजार में आकर खरीदारी करें, उन्हें असलियत पता चल जाएगी।
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