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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोहिंग्या मुसलमानों के निर्वासन को चुनौती पर सरकार का रुख पूछा

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Mon, 04 Sep 2017 10:22 PM (IST)

कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) तुषार मेहता को याचिका के संबंध में केंद्र से निर्देश लेकर उसका जवाब बताने को कहा।

रोहिंग्या मुसलमानों के निर्वासन को चुनौती पर सरकार का रुख पूछा
रोहिंग्या मुसलमानों के निर्वासन को चुनौती पर सरकार का रुख पूछा

नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार को अपना रुख बताने को कहा है। सोमवार को यह मामला मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ के समक्ष आया।

कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) तुषार मेहता को याचिका के संबंध में केंद्र से निर्देश लेकर उसका जवाब बताने को कहा। कोर्ट अब इस मामले में 11 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता दो रोहिंग्या लोगों की तरफ से पेश वकील प्रशांत भूषण ने याचिका लंबित रहने के दौरान केंद्र से निर्वासन समेत अन्य कोई कदम न उठाने का आश्वासन मांगा।

इस पर एएसजी ने स्पष्ट किया कि वह इस संबंध को कोई बयान नहीं देंगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका और मामले से संबंधित दस्तावेज की कॉपी एएसजी को सौंपने का आदेश दिया।

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