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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भगवान ही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा : केजरीवाल

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Published: Tue, 24 Dec 2013 05:45 AM (IST)Updated: Tue, 24 Dec 2013 08:49 AM (IST)

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जेड स्तर की सुरक्षा व पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर ) लेने से मना कर दिया। ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जेड स्तर की सुरक्षा व पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर ) लेने से मना कर दिया। इससे पूर्व आठ दिसंबर को मतगणना वाले दिन भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें सुरक्षा देने की बात कही थी। केजरीवाल ने सिक्योरिटी विंग के एडिशनल पुलिस कमिश्नर वी रंगनाथन से सुरक्षा लेने से मना कर दिया था।

उपराज्यपाल से मिलने के बाद केजरीवाल विधायकों से मिलने कांस्टीट्यूशन क्लब पहुंचे। दोपहर को जब वह मीटिंग हॉल में थे, तभी नीली व लालबत्ती लगी दो कारों से सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे। इस बीच वी रंगनाथन सुरक्षा संबंधी पत्र लेकर केजरीवाल के पास पहुंचे। उन्होंने केजरीवाल से कहा कि उन्हें अब जेड स्तर की सुरक्षा लेनी होगी। मुख्यमंत्री बनने के नाते उन्हें सुरक्षा देना दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है। वह बताएं कि उन्हें कहां-कहां जाना है। इस पर हंसते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए। उन्होंने एक सादे कागज पर लिखकर सुरक्षा लेने से मना कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि भगवान ही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने अधिकारी को धन्यवाद दिया।

पढ़े : केजरीवाल नहीं लेंगे जेड स्तर की सुरक्षा

कब कहां जाना है, नहीं पता

केजरीवाल ने वी रंगनाथन से कहा कि वह केवल इतनी सहायता करवा दें कि जब भी भीड़ में घिर जाएं तो वहां से सुरक्षित निकलवा दें। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें खुद भी पता नहीं कि उन्हें कब कहां जाना है। इसके बाद वी रंगनाथन लौट गए, लेकिन दोनों कारों में सुरक्षाकर्मी कांस्टीट्यूशन क्लब परिसर में बैठे रहे। जब केजरीवाल बाहर निकले तो पीछे-पीछे दोनों गाड़ियां चल दीं। केजरीवाल की कार काफी आगे निकल जाने पर दोनों गाड़ियां वापस क्लब परिसर में खड़ी हो गई।

जेड स्तर की सुरक्षा में होते हैं 22 पुलिसकर्मी

मुख्यमंत्रियों को प्रोटोकॉल के तहत जेड स्तर की सुरक्षा दी जाती है, जिसमें 22 पुलिसकर्मी होते हैं। उनके साथ एक स्कॉट गाड़ी चलती है, जिसमें करीब आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी होते हैं। यातायात पुलिस को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बारे में पूर्व जानकारी देनी होती है ताकि वे उनके रूटों पर सचेत रहते हैं और रूटों को क्लीयर रखते हैं।

एनएसजी भी मिलती है

मुख्यमंत्री को आतंकियों से धमकी मिलने या फिर जान का खतरा होने पर सीआइडी की रिपोर्ट के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी जाती है। उन्हें ब्लैक कैट कमांडो व एनएसजी की सुरक्षा दी जाती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कमांडो की सिक्योरिटी मिली हुई है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडियन मुजाहिद्दीन से धमकी मिली है, इसलिए उन्हें एनएसजी की सुरक्षा दी गई है।

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