यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अरविंद के पैतृक गांव खेड़ा में जश्न का माहौल
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के हाथों में देश की राजधानी दिल्ली की सत्ता की संभावना के बीच ...और पढ़ें

हिसार [मुख्य संवाददाता]। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के हाथों में देश की राजधानी दिल्ली की सत्ता की संभावना के बीच उनके पैतृक गांव में खुशी का ठिकाना नहीं है। बता दें कि अरविंद का पैतृक गांव हिसार जिलांतर्गत सिवानी मंडी तहसील का गांव खेड़ा है। कम से कम सात पीढ़ी पहले उनके पूर्वजों ने इस गांव में अपना घर बसाया था। कालांतर में व्यवसाय के दृष्टिगत वे सिवानी मंडी में शिफ्ट हो गए। यहां अरविंद के दादा स्व. मंगलचंद ने बतौर व्यवसाय चने की दाल मिल की शुरूआत की। व्यवसाय फलता-फूलता रहा।
केजरीवाल की जिद और जुनून ने जीता जनता का भरोसा
मंगलचंद के पांच पुत्र हुए। इन्हीं पांच पुत्रों में से एक गोविंद राम केजरीवाल के घर अरविंद का जन्म हुआ। जिंदल स्ट्रिप में बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर सेवाएं दे चुके गोविंदराम ने अरविंद का दाखिला हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित कैंपस स्कूल में करवाया। यहीं से अरविंद ने ग्यारहवीं तक पढ़ाई की। तत्पश्चात उन्होंने आइआइटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की। फिर इंडियन रेवेन्यू सर्विस की परीक्षा पास कर अपने करिअर को विस्तार दिया। आज जब संपूर्ण दिल्ली वासी के लिए अरविंद अहम हो रहे तो भला पैतृक गांव खेड़ा वासियों के पांव जमीन पर नहीं होना लाजिमी है। पूरा गांव जश्न में डूबा है।
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