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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाई कोर्ट जज के खिलाफ जांच को अंसारी ने गठित की समिति

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Fri, 17 Apr 2015 01:17 AM (IST)Updated: Fri, 17 Apr 2015 01:49 AM (IST)

राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज एसके गंगेले पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज एसके गंगेले पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। राज्यसभा में करीब एक माह पहले गंगेले के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। 58 सांसदों के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया गया था।

अंसारी की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रमजीत सेन करेंगे। समिति के दो अन्य सदस्य कलकत्ता हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मंजुला छेलुर और ज्यूरिस्ट केके वेणुगोपाल हैं। यह समिति जज गंगेले के खिलाफ ग्वालियर की एक महिला जज के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट राज्यसभा सभापति को सौंपेगी।

महाभियोग चलाने के प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, माकपा नेता सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव और जया बच्चन शामिल हैं। प्रस्ताव में जज के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए तीन आधार बताए गए हैं।

प्रस्ताव के मुताबिक गंगेले पर महिला जज के यौन उत्पीड़न, अवैध और अनैतिक मांगें पूरी न करने पर महिला जज को प्रताडि़त करने और उनका तबादला ग्वालियर से सीधी करके अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप हैं। हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में पदस्थ रहे गंगेले फिलहाल जबलपुर स्थित मुख्य खंडपीठ में सेवाएं दे रहे हैं।

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