यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आप के संस्थापक सदस्य ने केजरीवाल से मांगे 20 सवालों के जवाब
बगावत के चलते गत दिनों आम आदमी पार्टी (आप) से निकाले गए अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आप का भ्रष्टाचार ...और पढ़ें

चंडीगढ़, जागरण संवाददाता। बगावत के चलते गत दिनों आम आदमी पार्टी (आप) से निकाले गए अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आप का भ्रष्टाचार और स्वराज का उद्देश्य समाप्त हो चुका है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप जड़ते हुए उन्होंने कहा कि जिन पांच उद्देश्यों को लेकर पार्टी का गठन हुआ था, वह उससे भटक गई है। आप के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे अश्विनी ने केजरीवाल से अपने 20 सवालों का जवाब भी मांगा।
मंगलवार को चंडीगढ़ आए अश्विनी उपाध्याय ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि केजरीवाल के साथ काम करने के बाद उन्होंने यह जान लिया है कि उनका उद्देश्य भारत में 'अस्थिर संसद' का गठन कर अस्थाई सरकार बनाना है। इसके लिए फोर्ड फांउडेशन के मुखिया कविता रामदास और अन्य संगठनों के माध्यम से फंडिंग हो रही है। केजरीवाल पर लगाए 20 आरोपों के जवाब मांगते हुए अश्विनी ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड में 400 करोड़ के घोटाले में उन्होंने पर्याप्त दस्तावेजों के बावजूद एफआइआर क्यों नहीं दर्ज करवाई और दस्तावेज कांग्रेस नेता रामबाबू शर्मा और अशीष तलवार को सौंप दिए? आप संयोजक ने फोर्ड फांउंडेशन और विदेशी गल्फ देशों से एक गैर सरकारी संगठन को मिले 11,500 करोड़ रुपये की सीबीआइ जांच की मांग क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि क्या अरविंद केजरीवाल बताएंगे कि रॉबर्ट वाड्रा के होटल अमन में गुप्त बैठक कर चुनाव सीटों पर क्या डील हुई थी? चुनाव समिति में 70 सीटों पर लड़ने के फैसले को बदलकर 270 सीटों पर लड़ने का फैसला क्यों किया?
