विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीड़ित परिवारों से मिलने अरुणाचल पहुंचे रिजिजू, मृतकों की संख्या 18

By Atul GuptaEdited By:
Published: Fri, 22 Apr 2016 12:34 PM (IST)Updated: Sat, 23 Apr 2016 01:30 PM (IST)

अरुणाचल प्रदेश में भुस्खलन से 18 लोगों की मौत हो गई है। वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेण रिजिजू हालात का जायजा लेने अरुणाचल प्रदेश पहुंचे हैं।

News Article Hero Image

ईटानगर, प्रेट्र/एएनआइ। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में लगातार बारिश के बाद शुक्रवार को आए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 18 पहुंच गई है। वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेण रिजिजू भी अरुणाचल प्रदेश पहुंचे हैं। वे यहां हालात का जायजा लेने के साथ-सा पीड़ित परिवारों से भी मिलेंगे।

बता दें कि शुक्रवार को तवांग जिले में तड़के तीन बजे भूस्खलन हुआ था। इस हादसे में कल 16 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद एक मजदूर के मलबे से बाहर निकाल असम के तेजपुर भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शुक्रवार को तवांग के पुलिस अधीक्षक एनटो अल्फोंसे ने घनटा के बारे में बताया था कि जिला मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर फामला गांव में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का एक कैंप भूस्खलन की चपेट में आ गया।

घटना के वक्त 19 मजदूर कैंप में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 16 मजदूरों का शव मलबे से निकाल लिया गया है। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को इलाज के लिए असम के तेजपुर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सेना, नागरिक प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त अभियान चलाकर मारे गए मजदूरों का शव निकाला।

अल्फोंसे ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है। इससे कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भूस्खलन में मजदूरों की मौत पर संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की है। सोनिया गांधी ने कांग्रेस के विधायकों और कार्यकर्ताओं को राहत कार्य में जुट जाने का निर्देश दिया था।

मदद का आश्वासन
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को बाढ़ और भूस्खलन की घटना के बाद की स्थिति से निबटने में मदद का आश्वासन दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री कलिखो पुल को फोन कर स्थिति का जायजा लिया और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के महानिदेशक ओपी सिंह को भी भूस्खलन प्रभावित तवांग जिले में राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है।

मिजोरम में ओलावृष्टि से एक हजार मकान क्षतिग्रस्त

आइजोल, प्रेट्र: मिजोरम में भारी ओलावृष्टि से एक हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मिजोरम-बांग्लादेश-त्रिपुरा की सीमा पर स्थित ममित जिले के कवर्थान गांव में सबसे अधिक नुकसान हुआ। वहां 380 घर क्षतिग्रस्त हुए जिनमें से 80 पूरी तरह नष्ट हो गए। आइजोल जिले के तीन गांवों में 370 तथा कोलासिब जिले के लुंगदाई गांव में 200 घर ढह गए।

पढ़ें- कार पर गिरा सूखा पेड़, महिला घायल