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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्व बैंक ने घटाया भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 08 Jun 2016 12:55 AM (IST)Updated: Wed, 08 Jun 2016 03:16 AM (IST)

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाया है।

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वाशिंगटन, (पीटीआई)। विश्व बैंक ने 2016 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाया है। इसमें 0.2 फीसद की कमी की गई है। इसके बाद ग्रोथ का यह आंकड़ा घटकर 7.6 फीसद रह गया है। बावजूद इसके विश्व बैंक ने कहा है कि अन्य बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की आर्थिक विकास दर ज्यादा तेज रफ्तार से बढ़ेगी।

बैंक ने अपनी ताजा 'ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स' रिपोर्ट में 2016 के लिए ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान भी 2.9 फीसद से घटाकर 2.4 फीसद कर दिया है। चीन की ग्रोथ का आंकड़ा 6.7 फीसद पर बरकरार रखा है।

विश्व बैंक ने 2017 और 2018 के लिए भी भारत की ग्रोथ के अनुमानों में बदलाव किया है। इसमें 0.2 फीसद की कटौती करते हुए दोनों वर्षो में आर्थिक विकास दर 7.7 फीसद रहने के आसार जताए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल ग्रोथ में 0.5 फीसद की कटौती विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती, जिंसों की कम कीमतों, कमजोर ग्लोबल ट्रेड और घटते पूंजी प्रवाह के कारण की गई है।

विश्व बैंक ग्रुप के प्रेसीडेंट जिम योंग किम ने कहा कि सुस्त रफ्तार इस बात को रेखांकित करती है कि क्यों देशों के लिए आर्थिक विकास को गति देने वाली नीतियों की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। गरीबी घटाने के लिए आर्थिक विकास सबसे अहम कारक है। यही वजह है कि जिंसों के कम मूल्यों के कारण जिंस-निर्यातक विकासशील देशों की सुस्त होती ग्रोथ चिंता का सबब है।

विश्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में भारत की आर्थिक विकास दर ने रफ्तार पकड़ी और 7.6 फीसद रही। यह वित्त वर्ष 2014-15 के मुकाबले 0.4 फीसद ज्यादा है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह घरेलू मांग का बढ़ना रहा।

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