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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेल के मूल्य में कटौती का लोगों को सिर्फ आधा लाभ

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Wed, 02 Mar 2016 09:21 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 02 Mar 2016 10:05 PM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार ने मान लिया है कि कच्चे तेल (क्रूड) के मूल्य में हुई कमी का जनता को केवल आधा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मान लिया है कि कच्चे तेल (क्रूड) के मूल्य में हुई कमी का जनता को केवल आधा फायदा दिया गया है। बाकी का आधा लाभ खुद सरकार ने ही रख लिया है। राज्यसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि सरकार कुछ भी छिपा नहीं रही है। क्रूड मूल्य में कमी के 50 फीसद के बराबर राशि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर हासिल की गई है। इसे सरकार सामाजिक क्षेत्र पर खर्च करेगी।

विपक्ष की ओर से राज्यसभा में आरोप लगाया गया कि क्रूड सस्ता होने का लाभ सरकार खुद हथिया ले रही है और पेट्रोल व डीजल के दाम घटाकर उपभोक्ताओं को पूरा फायदा नहीं दे रही है। इस पर प्रधान ने अपने जवाब में कहा कि बचाई गई यह रकम खेती, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की है। उन्होंने विपक्ष से पूछ लिया कि टैक्स बढ़ाकर हासिल रकम को जन कल्याण पर खर्च करना क्या कोई अपराध है। आखिर भारत एक कल्याणकारी राज्य है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी बजट भाषण में कहा है कि कच्चे तेल मूल्यों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में मददगार बनी है।

अलग-अलग करके देखें तो डीजल के मामले में उपभोक्ताओं को क्रूड मूल्य में कमी का सिर्फ 41 फीसद ही लाभ दिया गया। माकपा सांसद सीताराम येचुरी ने कहा कि पेट्रोल पर टैक्स नौ रुपये से बढ़ाकर 21 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी तीन रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये प्रति लीटर की गई है।