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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश के लिए ब्रह्मास्त्र हो सकती है जीएसटी: एसोचैम

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Thu, 26 Nov 2015 08:19 PM (IST)Updated: Thu, 26 Nov 2015 08:28 PM (IST)

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ ही उद्योग मंडल एसोचैम ने विपक्षी दलों से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित कराने में मदद की अपील की है।

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नई दिल्ली । संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ ही उद्योग मंडल एसोचैम ने विपक्षी दलों से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित कराने में मदद की अपील की है। उद्योग मंडल एसोचैम का कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात में जीएसटी देश के लिए ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है।

एसोचैम के नए अध्यक्ष सुनील कनोरिया ने गुरुवार को अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) बढ़ाने के लिहाज से जीएसटी ब्रह्मास्त्र का काम कर सकता है। सभी दलों के सांसदों को बिना देरी इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित करना चाहिए। कनोरिया ने कहा कि जीएसटी पारित होने से दुनियाभर के निवेशकों को मजबूत संकेत जाएगा कि गंभीर वैश्विक संकट के बावजूद मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि इस समय अर्थव्यवस्था में मांग सुस्त चल रही है। पेरिस में आतंकी हमले के बाद से भू-राजनीतिक परिस्थितियां अनिश्चित बनीं हुई हैं। दूसरी तरफ वैश्विक बाजार में उपभोक्ता जिंसों के दाम में भारी गिरावट आई है। 9 फीसदी हो जाएगी विकास दर कनोरिया ने कहा कि जीएसटी आने से अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में कई तरह के करों से छुटकारा मिलेगा और उत्पादन की लागत घटेगी। इसका लाभ उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। महंगाई पर अंकुश लगेगा।

इससे भी बड़ी बात यह होगी कि जीएसटी पारित होने से राजनीतिक एकता और राष्ट्रीय हित के लिए आगे बढ़कर इच्छाशक्ति देखने को मिलेगी। कनोरिया ने कहा कि जीएसटी के समय पर पारित होने से देश की जीडीपी में एक से डेढ़ प्रतिशत की वृद्घि होगी और यह मौजूदा 7.3 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत तक जा सकती है।