यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
द्रमुक ने किया फांसी की सजा खत्म करने का वादा
चेन्नई। देश से फांसी की सजा को खत्म करने के लिए पार्टी बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुकी द्रमुक ने ...और पढ़ें

चेन्नई। देश से फांसी की सजा को खत्म करने के लिए पार्टी बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुकी द्रमुक ने अब इसे अपने घोषणापत्र में भी शामिल किया है। पार्टी की मांग है कि दुनिया के 150 देशों की तरह भारत में भी मौत की सजा का बर्बर कानून समाप्त होना चाहिए। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने मंगलवार को अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया।
पार्टी ने विवादित सेतुसमुद्रम परियोजना लागू कराने और श्रीलंकाई तमिलों के हक की लड़ाई लड़ने का भी वादा किया है। करुणानिधि ने भरोसा जताया कि बिना किसी राष्ट्रीय दल के साथ गठबंधन किए उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। तमिलनाडु तट से कुछ दूरी पर स्थित कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका से वापस लेने का वादा भी द्रमुक ने किया है। इस द्वीप को 1976 में भारत ने श्रीलंका को दे दिया था।
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कर्नाटक और केरल का उदाहरण देते हुए द्रमुक ने कहा है कि वह मछुआरा समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाएगी और उनके हितों की रक्षा के लिए केंद्र में अलग मंत्रालय गठित कराएगी। घोषणापत्र में पुरुषों के लिए आयकर सीमा छह लाख व महिलाओं के लिए 7.20 लाख करने, शिक्षा व कृषि ऋण माफी करना, पुडुचेरी को राज्य का दर्जा, तमिलनाडु में दूसरे रॉकेट लांच पैड की स्थापना, केंद्रीय सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 फीसद आरक्षण, देश भर की नदियों को आपस में जोड़ने और तमिल को मद्रास हाई कोर्ट की अदालती भाषा बनाने का वादा भी शामिल है।
