यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुहर्रम जुलूस और विसर्जन को लेकर तनाव, पुलिस बल तैनात
दो समुदायों में विवाद के चलते मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इसके चलते तनाव है।

रांची, जेएनएन। मोहर्रम जुलूस के दौरान दो समुदायों में विवाद के चलते मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इसके चलते तनाव है। पुलिस-प्रशासन और लोगों की सूझबूझ से मामला सुलझा है। पुलिस एहतियात बरत रही है।
बताया जाता है कि रविवार सुबह कोडरमा के महाराणा प्रताप चौक में मोहर्रम जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने जुलूस मार्ग में दुर्गापूजा पंडालों के लिए सजावट और गेट के रास्ते से नहीं हटाए जाने पर आपत्ति जताई। इससे दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए।
पलामू के सतरबरवा में मुहर्रम जुलूस में डीजे बजाने का ले विवाद हो गया। भारी पुलिस बल तैनात है। जमशेदपुर में विसर्जन के दौरान पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, पाकुड़ जैसे जिलों में भी अतिरिक्त सजगता बरती जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बल हैं सतर्क।
देवघर के भुरभुरा मोड़ के पास स्थित श्री रामबाग पूजा पंडाल में असामाजिक तत्वों ने दो राउंड गोली चलाई। इसके साथ ही पंडाल में घुसकर लोगों के साथ मारपीट व तोडफोड़ भी की। पुलिस तैनात है।
मुहर्रम मुस्लिम कैलेंडर का पहला माह माना जाता है। इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। यह मातम का दिन है। इमाम हुसैन अल्लाह के रसूल यानि मैसेंजर पैगंबर मोहम्मद के नाती थे। मुहर्रम एक महीना है, जिसमें शिया मुस्लिम दस दिन तक इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं।

