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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मैट्रिक का 13 वर्षों में सबसे खराब रिजल्ट,1.95 लाख फेल

By Sachin MishraEdited By:
Published: Tue, 30 May 2017 09:50 AM (IST)Updated: Wed, 31 May 2017 09:10 AM (IST)

मैट्रिक परीक्षा के परिणाम में इस साल सबसे अधिक गिरावट आई है।

मैट्रिक का 13 वर्षों में सबसे खराब रिजल्ट,1.95 लाख फेल
मैट्रिक का 13 वर्षों में सबसे खराब रिजल्ट,1.95 लाख फेल

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) का मैट्रिक व इंटरमीडिएट (साइंस व कामर्स) परीक्षा-2017 का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया। इसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। तीनों परीक्षाओं के परिणाम में इस बार भी गिरावट आई है। मैट्रिक परीक्षा के परिणाम में इस साल सबसे अधिक गिरावट आई है। इस बार तेरह वर्षो में मैट्रिक का सबसे खराब रिजल्ट रहा। इस परीक्षा में मात्र 57.91 फीसद विद्यार्थी सफल घोषित हुए हैं।

इस तरह इसमें लगभग 42 फीसद (1,95,003) बच्चे फेल हो गए। 2005 में जैक के गठन के बाद इतना खराब रिजल्ट कभी नहीं रहा। पिछले साल इस परीक्षा में 67.54 फीसद विद्यार्थी सफल हुए थे। इस तरह, पिछले साल की अपेक्षा इस परीक्षा में लगभग दस फीसद की गिरावट आई।

इंटरमीडिएट (साइंस व कामर्स) के परिणाम की बात करें तो साइंस में 52.36 फीसद तथा कामर्स में 60.09 फीसद विद्यार्थी सफल हुए। दोनों परीक्षाओं के परिणाम में इस बार भी गिरावट आई है। पिछले साल दोनों परीक्षाओं में क्रमश: 58.36 तथा 62.94 फीसद विद्यार्थी सफल हुए थे। इन दोनों परीक्षाओं में छात्राओं ने बाजी मारी। लड़कों की अपेक्षा इनका परिणाम बेहतर रहा। अलबत्ता मैट्रिक परीक्षा में लड़कियों की अपेक्षा छात्र आगे रहे।

मैट्रिक की परीक्षा में दुमका के प्लस टू जिला स्कूल के गुंजन पाल 479 अंक (95.8 फीसद) लाकर स्टेट टॉपर बना है। उसे गणित में सौ में सौ अंक मिले हैं। वहीं, इंटरमीडिएट साइंस में धनबाद के एसएसएनएमएस इंटर कॉलेज के छात्र प्रकाश रजक 455 अंक तथा कॉमर्स में रांची के उर्सलाइन इंटर कॉलेज की छात्रा मनीषा कुमारी 434 अंक लाकर स्टेट टॉपर बनी है।

जिलों की बात करें तो मैट्रिक के परिणाम में पूर्वी सिंहभूम सबसे अव्वल रहा, जबकि रांची जिला दूसरे स्थान पर रहा। दोनों जिलों में क्रमश: 67.95 तथा 65.91 फीसद बच्चे सफल रहे। लोहरदगा, गढ़वा, लातेहार सबसे फिसड्डी जिले रहे, जहां आधे बच्चे भी सफल नहीं हो सके। लोहरदगा में 46.21, गढ़वा में 44.29 तथा लातेहार में 40.77 फीसद बच्चे ही सफल हो सके।

रिजल्ट : परिणाम आंकड़ों में
मैट्रिक
कुल आवेदित परीक्षार्थी : 4,67,193
परीक्षा में शामिल : 4,63,311
उत्तीर्ण : 2,68,308
उत्तीर्ण प्रतिशत : 57.91
पिछले साल का रिजल्ट : 67.54 प्रतिशत

इंटरमीडिएट विज्ञान
कुल आवेदित परीक्षार्थी : 91,593
परीक्षा में शामिल : 90,871
प्रथम श्रेणी : 14,722
द्वितीय श्रेणी : 30,424
तृतीय श्रेणी : 2,430
पास : 13
कुल उत्तीर्ण : 47,589
उत्तीर्ण प्रतिशत : 52.36
पिछले साल का रिजल्ट : 58.36 प्रतिशत

इंटरमीडिएट वाणिज्य
कुल आवेदित परीक्षार्थी : 47,903
परीक्षा में शामिल : 47,622
प्रथम श्रेणी : 6,009
द्वितीय श्रेणी : 19,326
तृतीय श्रेणी : 3,282
पास : 01
कुल उत्तीर्ण : 28,618
उत्तीर्ण प्रतिशत : 60.09
पिछले साल का रिजल्ट : 62.94 प्रतिशत

सभी छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.jac.nic.in के अलावा jharkhand10.jagranjosh.com व jharkhand12.jagranjosh.com पर भी आसानी से परीक्षा परिणाम देख सकेंगे। 

एेसे देखें रिजल्ट

-सभी स्‍टूडेंट जागरण की वेबसाइट पर भी अपना रिजल्‍ट देख सकते हैं।
-इसके लिए सभी स्‍टूडेंट इस वेबसाइट पर सबसे पहले क्‍िलक करें।
-उसके बाद यहां दिए सभी कॉलम को ध्‍यानपूर्वक फिल करके उसके सबमिट कर दें।
-इस दौरान स्‍टूडेंट के मोबाइल पर रिजल्‍ट का मैसेज आ जाएगा।

गौरतलब है कि जेएसी 10वीं बोर्ड की परीक्षा 16 फरवरी से 1 मार्च 2017 तक हुई थी। वहीं, 12वीं बोर्ड एग्जाम का 16 फरवरी से 7 मार्च 2017 तक हुए थे।

राज्य के करीब 940 केंद्रों पर करीब 4.6 विद्यार्थियों ने 10वीं की परीक्षा दी थी। परीक्षाओं के दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

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