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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एमजीएम में 30 दिन में 60 बच्चों की मौत, अनशन करेंगे कांग्रेसी

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 27 Aug 2017 10:23 AM (IST)Updated: Sun, 27 Aug 2017 10:49 AM (IST)

एमजीएम में सबसे अधिक बच्चों की मौत बर्थ एस्फिक्सिया से हुई है।

एमजीएम में 30 दिन में 60 बच्चों की मौत, अनशन करेंगे कांग्रेसी
एमजीएम में 30 दिन में 60 बच्चों की मौत, अनशन करेंगे कांग्रेसी

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सबसे अधिक बच्चों की मौत बर्थ एस्फिक्सिया (जन्म के समय दम का घुटना) से हुई है। यह खुलासा रांची से जांच करने पहुंची टीम की रिपोर्ट में हुई है। दैनिक जागरण में 30 दिन में 60 बच्चों की मौत की खबर छपने के बाद बीते शुक्रवार को रांची से स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख डॉ. सुमंत मिश्र के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम एमजीएम अस्पताल पहुंची थी।

इस दौरान बीते चार माह में कुल 164 बच्चों की मौत की जानकारी मिली। इनमें एनआइसीयू (न्यू बोर्न इंटेसिव केयर यूनिट) में कुल 112, पीआइसीयू (पीडियाटिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में 31 व वार्ड में कुल 21 शामिल हैं। एनआइसीयू में हुई मौत की मुख्य वजह बर्थ एस्फिक्सिया बताया गया। इससे 28 दिनों में सबसे अधिक बच्चों की मौत हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के 28 दिन नवजात के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ध्यान नहीं देने पर बच्चे बर्थ एस्फिक्सिया, वजन कम होने और संक्रमण के कारण मौत के मुंह में समा जाते हैं।

जन्म के पहले सप्ताह ही 74.1 फीसद की मौत

नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के अनुसार देश में सबसे अधिक बच्चों की मौत जन्म के बाद पहले सप्ताह से लेकर चौथे सप्ताह के दौरान होती है। पहले सप्ताह में 74.1 फीसद, दूसरे सप्ताह में 12.6, तीसरे सप्ताह 10.00 व चौथे सप्ताह में 3.1 फीसद मौतों का आंकड़ा है। नवजात शिशु मृत्यु की मुख्य वजहों में संक्रमण, समय से पूर्व जन्म (प्री टर्न डिलेवरी) जैसी जटिलताओं के अलावा जन्म के समय ढाई किग्रा से कम वजन, बर्थ एस्फिक्सिया है। एमजीएम में भी पहले सप्ताह में सबसे अधिक बच्चों की मौत हुई है।

जानिए, क्या है बर्थ एस्फिक्सिया

बर्थ एस्फिक्सिया एक ऐसी अवस्था है जिसमें नवजात शिशु न तो रो पाता है और न ही सांस ले पाता है। समस्या मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी के कारण होती है। मरीज को तत्काल वेंटीलेटर के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इसमें लापरवाही पर जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। जान बच जाने पर भी मंदबुद्धि जैसी समस्याओं की आशंका बनी रहती है।

अनशन करेंगे कांग्रेसी
एमजीएम में 30 दिन में 60 बच्चों की हुई मौत पर आक्रोश बढ़ रहा है। जिला कांग्रेस कमिटी ने साकची गोलचक्कर पर 28 अगस्त से धरना एवं क्रमिक अनशन का निर्णय लिया गया है। जिला अध्यक्ष बिजय खां ने सभी पदाधिकारी को भाग लेने का आह्वान किया है। जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह आजाद ने बताया कि मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार उपस्थित होंगे।

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