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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं मधु कोड़ा, जानिए

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 23 Aug 2017 11:09 AM (IST)

मधु कोड़ा राजनीति में नई पारी की शुरुआत करने की कवायद में हैं। वे दोबारा भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं मधु कोड़ा, जानिए
नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं मधु कोड़ा, जानिए

राघवेंद्र, जमशेदपुर। झारखंड के सियासी इतिहास में 23 अगस्त का दिन मधु कोड़ा की वजह याद किया जाता रहेगा, क्योंकि बतौर निर्दलीय विधायक रहते राज्य के मुख्यमंत्री पद पर 709 दिन रहकर उन्होंने इसी दिन पदत्याग किया था। और, इसके साथ ही दलीय मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ था।

इन दिनों मधु कोड़ा फिर सियासी चर्चा के केंद्र में हैं। वजह? कोल्हान के पश्चिमी सिंहभूम इलाके में झामुमो की तुलना में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी भाजपा कद्दावर नेताओं को अपने साथ जोड़ने में लगी है।

अब अलाप रहे भाजपा राग:

अब कोल्हान क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि मधु कोड़ा राजनीति में नई पारी की शुरुआत करने की कवायद में हैं। वे दोबारा भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सिंहभूम सांसद लक्ष्मण गिलुवा कोड़ा के राजनीतिक गुरु रहे हैं। हाल में ही 13 अगस्त को कोल्हान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री ने खुले मंच से भाजपा सरकार की सराहना की थी। इसके बाद ही सियासत के जानकार अनुमान लगाने लगे हैं कि कोड़ा कभी भी भाजपा में लौट सकते हैं।

संघ से रहा गहरा जुड़ाव:

मधु कोड़ा राष्ट्रीय स्वयं सेवक ब्रेक ग्राउंड से है। मुख्यमंत्री बनने के बाद लोगों ने मुध कोड़ा को सुझाव दिया था कि वे अपने घर से डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर को हटा दें तो उनका कहना था कि वे अपना घर बदल सकते हैं लेकिन आदर्श नहीं।

पत्नी भाजपा के साथ:

मधु कोड़ा की विधायक पत्नी गीता कोड़ा हर संकट की घड़ी में भाजपा सरकार के साथ नजर आईं। राष्ट्रपति चुनाव में भी उन्होंने राजग प्रत्याशी का समर्थन किया था।

कई कारणों से रहे चर्चा में:

मधु कोड़ा झारखंड की चर्चित सियासी हस्ती हैं। कभी निर्दलीय विधायक होते हुए मुख्यमंत्री बनने की वजह से चर्चा में रहे तो कभी करीब चार हजार करोड़ के घोटाले की वजह से। कभी पत्नी के छोड़कर चल जाने की वजह से तो कभी लोकसभा चुनाव में रुपये बांटने के आरोपों फंसने की वजह से। या कभी झमाझम बारिश होने पर हल-बैल लेकर खेत में उतर जाने की वजह से।

गद्दी से उतरते फंसे घोटालों में:

गद्दी से उतरते ही हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे। सीबीआइ से लेकर प्रवर्तन निदेशालय तक में केस दर्ज हो गया और जितने दिन तक कुर्सी पर उससे करीब दो गुणा से भी अधिक दिनों तक जेल के सलाखों में रहे। अभी जमानत पर हैं।

सियासी सफर आजसू से:

मुध कोड़ा मूल रूप से पश्चिम सिंहभूम जिले के पाताहातू के रहने वाले है। मधु कोडा के राजनैतिक जीवन की शुरुआत आल झारखंड स्टूडेंड यूनियन के एक कार्यकर्ता के रूप में हुई थी बाद में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भी सदस्य बने। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा सिंहभूम जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। फिर भाजपा विधायक बने।

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