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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेल में धर्मातरण कराने का आरोप, जांच का आदेश

By Preeti jhaEdited By:
Published: Tue, 10 Oct 2017 02:34 PM (IST)Updated: Tue, 10 Oct 2017 02:40 PM (IST)

गुमला जेल में हत्या के मामले में बंद एक कैदी को मुकदमे से बरी कराने का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है।

जेल में धर्मातरण कराने का आरोप, जांच का आदेश
जेल में धर्मातरण कराने का आरोप, जांच का आदेश

गुमला, [जागरण संवाददाता]। गुमला जेल में हत्या के मामले में बंद एक कैदी को मुकदमे से बरी कराने का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है।

घाटो बगीचा के रहने वाले हत्या के आरोपी कैदी छोटू भुइयां ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर कहा है कि जेल में अक्सर आनेवाले एक मौलाना ने उसे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा दिया था, लेकिन अब वह खुद को ठगा सा महसूस करते हुए अपने धर्म में लौटना चाहता है।

मामला प्रकाश में आने के बाद उपायुक्त श्रवण साय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ और एसडीपीओ को मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उधर जेल प्रशासन से छोटू भुइयां के धर्मांतरण की बात को मनगढ़ंत कहानी बताया है।

क्या है मामला

मुख्यमंत्री के नाम बंदी छोटू भुइंया द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि हत्या के एक मामले में पिछले पांच वर्षों से वह गुमला मंडल कारा में बंद है, जबकि वह इस मामले में निर्दोष है। वह गैर धर्म की लड़की से प्रेम करता था और उसी से शादी कर ली। बाद में लड़की के परिवार में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसे साजिशन हत्यारोपी बना दिया गया। तब से वह जेल में बंद है। उसने पत्र में लिखा है कि जेल से बाहर निकलने के लिए घर वालों तथा जेल में बाहर से आने वाले एक धर्मगुरु ने धर्म परिवर्तन के लिए उस पर दबाव बनाया। साथ ही जेल से बाहर निकलने में मदद करने के लिए धर्म परिवर्तन की शर्त रखी।

हर शुक्रवार को होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में एक दिन उसका धर्म परिवर्तन कराया गया, लेकिन उसके बावजूद उसे जेल से निकलने में कामयाबी नहीं मिली। अब हालत यह है कि उससे कोई बात भी नहीं करता। जेल में 20 साल रहने से बचने के लिए उसने धर्म परिवर्तन किया था लेकिन उसका लाभ उसे नहीं मिला। उसे अपनी हत्या की भी आशंका जाहिर की है। पत्र में उसने वापस ¨हदू धर्म में लौटने की इच्छा जताई है।

इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी नहीं है। बंदी से पूछताछ की गई है। मामले की जांच की जाएगी। बेसरा निशांत रॉबर्ट, जेल अधीक्षक, गुमला।