विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ब्लू व्हेल' के जबड़े में फंसने से बचा छात्र, सकते में स्कूल

By Sachin MishraEdited By:
Published: Tue, 19 Sep 2017 12:18 PM (IST)Updated: Tue, 19 Sep 2017 12:26 PM (IST)

'ब्लू व्हेल' गेम के शिकार सबसे ज्यादा कम उम्र के युवा और बच्चे होते हैं, जिन्हें अच्छे-बुरे की समझ नहीं है।

'ब्लू व्हेल' के जबड़े में फंसने से बचा छात्र, सकते में स्कूल
'ब्लू व्हेल' के जबड़े में फंसने से बचा छात्र, सकते में स्कूल

आशीष सिंह, धनबाद। देश-विदेश में चिंता का विषय बने 'ब्लू व्हेल' गेम के चक्रव्यूह में बच्चों के फंसने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसा ही एक मामला धनबाद में भी सामने आया है। यहां के एक बड़े सीबीएसई स्कूल की कक्षा चौथी के एक बच्चे की बांह में ब्लू व्हेल की आकृति पर शिक्षिका की नजर पड़ गई।

शिक्षिका की सूचना पर स्कूल प्रबंधन भी सकते में आ गया। हालांकि जो चित्र बना था वह गेम का शुरुआती चरण ही था। समय रहते पता चलने पर क्लास टीचर और स्कूल प्रबंधन की सजगता से बच्चे की जान बच गई। संबंधित छात्र की लगातार कांउसिलिंग की जा रही है। अभिभावकों की भी काउंसलिंग की भी जा रही है ताकि वो घरों में भी बच्चों पर नजर रख सकें।

दरअसल, इस खेल के शिकार सबसे ज्यादा कम उम्र के युवा और बच्चे होते हैं, जिन्हें अच्छे-बुरे की समझ नहीं है। मासूम की भावनाओं से खेलकर उन्हें मौत के द्वार तक ले जाया जाता है।

एेसे ‘ब्लू व्हेल’ के चक्रव्यूह में फंसते हैं बच्चे
‘ब्लू व्हेल’ चैलेंज गेम एक इंटरनेट खेल है। यह खेल कथित तौर पर एक श्रृंखलाबद्ध है। इसमें खिलाड़ियों को कहने के लिए 50 दिन की अवधि में कई टास्क दिये जाते हैं। इसके अंतिम टास्क में खिलाड़ी को आत्महत्या करने को बोला जाता है। बताते हैं कि 2016 में रूस में ब्लू व्हेल किशोरों के बीच बड़े पैमाने पर उपयोग करने के बाद एक पत्रकार ने एक लेख के माध्यम से उस पर ध्यान आकृष्ट किया। बाद में इस खेल से जुड़े एक व्यक्ति बुदेइकिन को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे कम से कम 16 किशोर लड़कियों को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का दोषी ठहराया गया।

इस गेम में 50 दिन तक खिलाड़ियों को मानसिक रूप से उत्तेजित किया जाता है ताकि वे खुद दुस्साहसिक व आत्मविनाशकारी कार्यो को करने की ओर बढ़ें। आखिरी चरण को पूरा करने के लिए खिलाड़ी को अपनी जान गंवानी पड़ती है और टास्क को पूरा करते समय प्रमाण के तौर पर वीडियो भी बनाना पड़ता है। दुनियाभर में इस गेम के कारण अभी तक सैकड़ों जानें जा चुकी हैं।

दरअसल इस खेल के शिकार सबसे ज्यादा कम उम्र के युवा और बच्चे होते हैं, जिन्हें अच्छे-बुरे की समझ नहीं है। मासूम की भावनाओं से खेलकर उन्हें मौत के द्वार तक ले जाया जाता है। गेम खेलनेवाले को यह पता भी नहीं होता कि जिस खेल की चुनौतियों और टास्क को वह चरणबद्ध ढंग से पूरा कर रहा है, वह उसे मौत के नजदीक ले जा रहा है। हाल ही में समझदारी दिखाते हुए इस गेम से बचे कुछ बच्चों के मुताबिक बीच में गेम से निकलने पर उन्हें लगातार कॉल आता है और खेल फिर शुरू करने का दबाव बनाया जाता है। नहीं मानने पर कई तरह की धमकी भी दी जाती है।

बच्चों को फंसाने वाले टास्क

1- सुबह 4.20 बजे अपने हाथ में ब्लेड से एल 57 लिखें।

2- 4.20 बजे उठ जाएं और कुछ डरावना वीडियो देखें।

3- अपने हाथ पर तीन लंबी-लंबी लकीरें खीचें, यह अधिक गहरी न हों।

4- एक पेपर पर एक व्हेल का चित्र बनाएं।

5- अगर आप व्हेल बनाना चाहते हैं तो अपने पैरों में यस लिखें और नहीं तो हाथों में बहुत सी जगह कट का निशान लगाएं।

6- कोड में भी निशान लगाएं।

7- एल 40 स्क्रैच करें।

8- अपने स्टेटस में लिखें 'आइ एम व्हेल'।

9- अपने डर पर जीत हासिल करें।

10- सुबह 4:20 बजे उठकर छत पर जाएं।

11- अपने हाथ में व्हेल का चित्र बनाएं या लिखें।

12- पूरे दिन डरावने वीडियो देखें।

13- अपने एडमिन द्वारा भेजा गया म्यूजिक सुनें।

14- अपना होंठ काट दें।

15- अपने हाथ में सुई से छेद करें।

16- खुद को कष्ट दें।

17- अपने घर की छत पर जाकर एक कोने में खड़े हो जाएं।

18- घर के पास वाले ब्रिज पर जाएं और एक कोने में खड़े हो जाएं।

19- क्रेन पर चढ़ जाएं।

20- आपके भरोसे की परीक्षा।

21- स्काइप में किसी व्हेल के साथ चैट करना है।

22- छत पर जाएं और नंगे पैर बैठें।

23- अपने कोड वाला काम।

24- गुप्त मिशन।

25- व्हेल से मुलाकात।

26- अपने मरने का दिन खुद तय करें और उसे एक्सेप्ट भी करें।

27- 4:20 बजे उठ जाएं और नजदीक की रेल पटरी पर जाएं।

28- किसी से भी बात न करें।

29- एक कसम खा लें कि आप एक व्हेल हैं।

30- 30 से 49 तक टास्क है कि प्रतिदिन सुबह 4:20 बजे उठ जाएं, एडमिन द्वारा भेजे गए वीडियो देखें, म्यूजिक सुनें और डरावना वीडियो देखें। हर दिन अपने हाथ में कट जरूर करें।

50- इस दिन आपको सुसाइड करने के लिए उकसाया जाएगा।

बच्चों में दिखे ऐसे लक्षण तो अभिभावक हो जाएं अलर्ट

- अचानक बच्चों का किसी भी काम में मन न लगना।

- बच्चों का किसी से बात करने का मूड न होना।

- उनका खाने के प्रति अचानक से रुचि घट जाना।

- उनके सोने के समय में बदलाव आना।

- उनके जिस्म में किसी जगह बिना वजह खरोंच या कोई घाव होना।

- देर रात तक अकेले डरावनी फिल्में देखना।

- बिना वजह अचानक सुबह जल्दी उठना और अकेले समय बिताना।

- अभिभावक कम्प्यूटर और मोबाइल पर ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें, जिससे कंटेंट फिल्टर हो जाए।

- बच्चों की ऑनलाइन गतिविधि पर नजर रखें।

- अपना समय निकालकर बच्चों को दें, उनसे बात करें, उनके काम में अपनी भी रूचि दिखाएं।

- बच्चों को यह बिल्कुल भी महसूस न होने दें कि वो अकेले हैं।

- शरारत करने पर बच्चे को फटकार न लगाएं बल्कि उनके ऐसे बर्ताव को जानने का प्रयास करें।

- बच्चा ब्लू व्हेल गेम खेलता है तो उसे प्यार से समझाएं, उसके अकेलेपन का कारण पूछें।

- बच्चे को बहुत सावधानी से उनका दोस्त बनकर समझाएं।

---

ब्लू व्हेल गेम के एडिक्ट ज्यादातर लोग डिप्रेशन के शिकार होते हैं। ऐसे में यदि आपके घर का कोई सदस्य डिप्रेशन का शिकार है तो उसे सोशल मीडिया से दूर रखें। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चों में वर्चुअल व‌र्ल्ड का एडिक्शन होता है। ऐसे में घरवाले बच्चों पर नजर रखें और उनकी इंटरनेट हैबिट पर खास ध्यान दें। इसके अलावा बच्चों को घर में इस तरह का माहौल दें कि वह मां-बाप से कोई बात छिपाए नहीं।

- उमाकांत बराल, प्राचार्य जीजीपीएस

---
यह भी पढ़ेंः 70 हजार पारा शिक्षकों, बीआरपी व सीआरपी का मानदेय 10 फीसद बढ़ा