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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चतरा में एसीबी ने रिश्वत लेते छह को किया गिरफ्तार, नकदी बरामद

By Sachin MishraEdited By:
Published: Fri, 22 Sep 2017 03:11 PM (IST)Updated: Fri, 22 Sep 2017 03:49 PM (IST)

झारखंड के चतरा में एसीबी ने जमीन सर्वे के कार्य में जुटे छह लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

चतरा में एसीबी ने रिश्वत लेते छह को किया गिरफ्तार, नकदी बरामद
चतरा में एसीबी ने रिश्वत लेते छह को किया गिरफ्तार, नकदी बरामद

जागरण संवाददाता, चतरा। एंटीक्रप्शन ब्योरो की टीम ने शुक्रवार को रिश्वतखोरों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए जमीन सर्वे के कार्य में जुटे छह लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सदर प्रखंड के सर्वे इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव, अमीन कन्हाई गोप, मोहरील सतीश कुमार, शशि भूषण कुमार, कौशल कुमार एवं अरविंद यादव का नाम शामिल है। इन सभी की गिरफ्तारी शहर के नगवां मोहल्ला से हुई है।

भाड़े के मकान में रहकर जमीन संबंधित कागजातों की जांच कर रहे थे। कागजातों की जांच के एवज में प्रति डीड दाखिल-खारिज से डेढ़ हजार और बगैर दाखिल-खारीज के डीड से तीन हजार रुपयों की वसूली कर रहे थे। पत्थलगडा प्रखंड के सिंघानी गांव निवासी प्रवीण कुमार की बहन निक्की देवी चतरा में रहती है। उसके पास जमीन का दस डीड है। म्यूटेशन वाले डीड से डेढ हजार और बगैर म्यूटेशन वाले डीड से तीन हजार रुपयों की मांग की गई थी। प्रवीण कुमार ने इसकी शिकायत एसीबी के पुलिस अधीक्षक मणिलाल मंडल से की थी। शिकायत का सत्यापन के लिए एसीबी के एक अधिकारी यहां आया था।

मामले की सत्यतता की जांच कर वापस लौट गया और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज करते हुए 22 सितंबर को डीएसपी प्राण रंजन के नेतृत्व में एक टीम पहुंची। प्रवीण कुमार के साथ सर्वे इंस्पेक्टर का ढाई हजार रुपया में मामला तय हुआ था। जैसे ही रिश्वत की राशि उन्होंने इंस्पेक्टर को दिया, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उक्त आवास की तलाशी ली गई। तलाशी के क्रम में लाखों रुपये बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों और बरामद रुपयों के साथ एसीबी की टीम वापस हजारीबाग चली गई।⁠⁠⁠⁠

झारखंड में चार  दिनों में 15 लोगों को घूस लेते पकड़ा जा चुका है। इस साल अब तक करीब 120 लोग हत्थे चढ़े हैं।

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