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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वामी अग्निवेश ने भी अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाया

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Sun, 12 Apr 2015 12:54 AM (IST)Updated: Sun, 12 Apr 2015 12:59 AM (IST)

विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए कश्मीर में पृथक कंपोजिट टाउनशिप के खिलाफ अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाते ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए कश्मीर में पृथक कंपोजिट टाउनशिप के खिलाफ अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाते हुए शनिवार को स्वामी अग्निवेश भी मैदान में उतर आए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कॉलोनी हुर्रियत कांफ्रेंस समेत कश्मीर के तमाम लोगों का विरोध सही है।

एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में स्वामी अग्निवेश ने कहा कि कोई भी समझदार कश्मीरी पंडित सरकार की इस पृथक कॉलोनी में नहीं रहना चाहेगा। पूरा विश्व समुदाय कश्मीर पर नजरें गड़ाए हुए है। जब कश्मीरी मुस्लिम और अलगाववादी बार-बार कह रहे हैं कि कश्मीरी पंडित उनके भाई हैं, कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है और वह चाहते हैं कि वह वापस अपने घरों में लौटें। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए कश्मीर में एक अलग कॉलोनी का निर्माण समझ से परे है। ऐसा करना दोनों समुदायों में दरार डालना है।

उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार को पृथक कॉलोनी के बजाय कश्मीरी पंडितों व कश्मीरी मुस्लिमों के बीच आपसी भाईचारा, सद्भाव और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए। उसे कंपोजिट टाउनशिप के बजाय कश्मीरी पंडितों को कश्मीरी मुस्लिमों के बीच ही रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

स्वामी अग्निवेश ने इस दौरान मुजफ्फरनगर और असम दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में अल्पसंख्यक हालात सामान्य होने के बावजूद अपने घरों में जाने से कतराते हैं, जबकि कश्मीर में कश्मीरी मुस्लिम जो खुद डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, कश्मीरी पंडितों को वादी लौटने व उन्हें सुरक्षा का यकीन दिला रहे हैं। इसके लिए कश्मीरी मुस्लिमों की तारीफ की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अलगाववादी बिल्कुल सही हैं, जो कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए अलग कॉलोनी का विरोध कर रहे हैं। कश्मीरी पंडितों को अपने पुश्तैनी इलाकों में ही रहना चाहिए तभी सही मायनों में कश्मीरी, कश्मीर और कश्मीरियत मजबूत होगी।