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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी न तो असहिष्णु हैं और न सांप्रदायिक

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Published: Wed, 04 Nov 2015 02:49 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : असहिष्णुता को लेकर देश भर में विरोधियों के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र

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राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : असहिष्णुता को लेकर देश भर में विरोधियों के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी न तो असहिष्णु हैं और न ही सांप्रदायिक। वह तो पूरे देश और हर नागरिक का समग्र विकास चाहते हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को टट्टू मैदान में सेना की ओर से खाली की गई जमीन में बच्चों के लिए एक पार्क का नींव पत्थर रखने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुफ्ती ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक विशाल राष्ट्र के प्रधानमंत्री हैं। हालांकि हमारे पीडीपी के संसद में तीन ही सदस्य हैं, उसके बावजूद उन्होंने हमारे साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने कुछ सोच कर ही यह कदम उठाया है। वह दूरदृष्टि रखने वाले एक विकासशील नेता हैं।

पीएम दौरे से काफी उम्मीदें : मुफ्ती ने सात नवंबर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कश्मीर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि बहुत समय से इसका इंतजार हो रहा था। हमेशा विकास का नारा देने वाले प्रधानमंत्री के दौरे से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए पैकेज के एलान संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेज का एलान करना या करना प्रधानमंत्री का ही विशेषाधिकार है, लेकिन मैं यह जरूर कहूंगा कि वह जम्मू-कश्मीर की सभी समस्याओं को हल करने के लिए प्रयासरत हैं।

भारत-पाक में दोस्ती जरूरी :

भारत-पाक संबंधों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध पूरे देश के लिए और हम सभी के लिए बहुत फायदेमंद हैं। दोनों मुल्कों में दुश्मनी का कोई लाभ नहीं है। इससे सिर्फ दोनों को नुकसान ही हुआ है। ¨हदोस्तान को एक वैश्विक ताकत बनने के लिए इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखना होगा। गुरेज में गत सोमवार को संघर्ष विराम उल्लंघन का जिक्र करते हुए मुफ्ती ने कहा कि दोनों मुल्कों के संबंधों में अक्सर उतार चढ़ाव के बावजूद मुझे पूरी उम्मीद है कि दोनों ही आपस में मित्रता चाहते हैं।

महबूबा ने सेना को बताया लोगों की हमदर्द :

कश्मीर से अक्सर सेना की वापसी की वकालत करने के साथ उसपर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाने वाली पीडीपी अध्यक्ष व सांसद महबूबा मुफ्ती के सुर मंगलवार को पूरी तरह बदले नजर आए। महबूबा ने कहा कि राज्य में सेना ने लोगों के लिए एक सच्चे हमदर्द की तरह काम किया है। इसके लिए हम आभारी हैं। भारतीय लोकतंत्र में अपनी प्रतिबद्वता दोहराते हुए महबूबा ने कहा कि सेना के यही प्रयास राज्य के लोगों के जख्मों पर मल्हम का काम करते हैं। सेना तभी से राज्य सरकार के साथ सहयोग कर रही है जब मुफ्ती पहली बार 2002 में मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा सेना के जनहित कार्यो में पूरा सहयोग करेगी।