यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कश्मीर भारत का अटूट अंग : फारूक
जागरण संवाददाता, राजौरी : कश्मीर भारत का अटूट अंग है। इसे कोई भी अलग नहीं कर सकता। पाकिस्तान में इतन

जागरण संवाददाता, राजौरी : कश्मीर भारत का अटूट अंग है। इसे कोई भी अलग नहीं कर सकता। पाकिस्तान में इतना दम नहीं है कि वह हमसे कश्मीर ले सके और न ही भारत गुलाम कश्मीर को हासिल कर सकता है। कश्मीर के लोगों की बेहतरी और शांति के लिए स्वायत्तता ही एकमात्र हल है। इसे गुलाम कश्मीर के साथ राज्य में भी लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है। इससे देश के कई हिस्से हो सकते हैं। सीमा के आरपार रहने वालों को एक दूसरे से मिलने के लिए सरल कानून बनाए जाने चाहिए। सीमा को विभाजन लाइन के तौर पर देखा जाना चाहिए।
कोटरंका में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले के हल के लिए राज्य में स्वायत्तता का लागू होना जरूरी है। स्वायत्तता को कश्मीर के साथ गुलाम कश्मीर में भी लागू किया जाना चाहिए ताकि शांति कायम रहे।
फारूक ने कहा कि राज्य की भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू कर लोगों से राशन का हक भी छीन लिया है। राज्य में जब हमारी सरकार थी तो हमने इस कानून को लागू नहीं किया। हमें पता था कि इस कानून के लागू होने से लोगों को राशन नहीं मिलेगा, लेकिन इस सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए इसे लागू कर दिया।
फारूक तराला गांव में सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली के घर गए और वहां उनकी माता के निधन पर शोक जताया। इस मौके पर नेकां के अन्य नेता भी मौजूद थे।
