यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिंदे बोले, सिर्फ कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाए
शिंदे के स्वागत के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू गेट पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी हो रही थी।

शिमला, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस मुख्यालय शिमला के बाहर नारेबाजी करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे ने चुप करवा दिया। शिंदे ने गाड़ी से उतरते ही कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाएं। किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन या विरोध में नारेबाजी न की जाए।
शिंदे के स्वागत के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू गेट पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी हो रही थी। शिंदे ने कार्यकर्ताओं को नारेबाजी से रोका। उसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए लेकिन शिंदे के सभागार में पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। वीरवार को पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक नए प्रभारी सुशील कुमार शिंदे व सहप्रभारी रंजीत रंजन की मौजूदगी में हुई। सबसे पहले मंच पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कुर्सी संभाली। उनके आने के बाद आइपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह व परिवहन मंत्री जीएस बाली भी पहुंचे। इसके बाद शिंदे, फिर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी व थोड़े अंतराल के बाद सहप्रभारी रंजीत रंजन बैठक में आईं।
नारेबाजी पर मुख्यमंत्री भी खफा
शिंदे के बैठक में आने से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पहुंचने पर भी कांग्रेस व युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खूब नारेबाजी की। उन्होंने उनके समर्थन में नारे लगाए और कहा कि वीरभद्र सिंह सातवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि बैठकों व कार्यालय में इस तरह की नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नारे लगाने वालों को रोका मगर कोई चुप नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नारेबाजी करना सही नहीं है। नारेबाजी करनी है तो खुले मैदान में की जाए। जलसे जुलूस में ही नारेबाजी ठीक लगती है जबकि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में होगी। आलम यह है कि बुधवार को पीटरहॉफ में सुक्खू के खिलाफ नारेबाजी हुई थी। दोबारा ऐसी स्थिति न बन जाए, इसीलिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व शिंदे कार्यकर्ताओं को चुप करवाते दिखे।
सीबीआइ से सही जांच की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटखाई में छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले की जांच देश की प्रतिष्ठित संस्था सीबीआइ कर रही है। उम्मीद है वह यह जांच सही कर रही होगी।
यह भी पढ़ें: वीरभद्र को मलाल, गूंगी हो गई हिमाचल कांग्रेस