यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तकलीफ में होने पर बाहर ब्याही बेटियां भी हिमाचली
हिमाचल की ऐसी बेटियों को अब हिमाचली होने का प्रमाणपत्र मिलेगा जो शादी के बाद दूसरे राज्य में गई हों और उनकी शादी टूट गई हो।

शिमला [जेएनएन]: हिमाचल की ऐसी बेटियों को अब हिमाचली होने का प्रमाणपत्र मिलेगा जो शादी के बाद दूसरे राज्य में गई हों और उनकी शादी टूट गई हो। सरकार ने प्रदेश से बाहर स्थायी आवास वाले व्यक्ति से विवाह करने की स्थिति में प्रदेश की बेटी को हिमाचली प्रमाण पत्र देने की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार जिन महिलाओं का विवाह प्रदेश से बाहर होता है, लेकिन वैधानिक तलाक के बाद वे हिमाचल प्रदेश में फिर से रहना आरंभ करती हैं, उनको स्थाई निवासी प्रमाण पत्र मिलेगा।
यह भी पढ़ें: विस में सुनाई देगी सरकार के खिलाफ चार्जशीट की गूंज
सभी जिलाधीशों को फैसले पर अमल करने के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश से बाहर विवाह करने वाली महिलाओं को व संरक्षण देना ही इस फैसले का मकसद है। सपनों का संसार बसाने के लिए मां-बाप का घर छोड़कर जाने वाली कई बेटियों के सामने कई बार तलाक लेने के सिवा कोई रास्ता नहीं रह जाता। प्रदेश मंत्रिमंडल ने हालिया बैठक में इस फैसले को स्वीकृति दे दी थी। बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र को जारी करने के लिए 1 जुलाई, 2009 को जारी पत्र के अनुसार शर्ते बिना बदलाव के लागू रहेंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर की तरफ से इस संदर्भ में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
