यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विस में सुनाई देगी सरकार के खिलाफ चार्जशीट की गूंज
राज्य ब्यूरो, शिमला : चुनावी वर्ष में होने जा रहे बजट सत्र में भ्रष्टाचार का सवाल केंद्र बिंदु मे

राज्य ब्यूरो, शिमला : चुनावी वर्ष में होने जा रहे बजट सत्र में भ्रष्टाचार का सवाल केंद्र बिंदु में रहेगा। कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सौंपी चार्जशीट का मुद्दा सदन में गूंजेगा। विपक्षी भाजपा विधायकों ने कई मंत्रियों के विभागों को निशाने पर लिया है। ऐसे सवाल पूछे हैं जिनसे सत्र के दौरान हंगामा होना तय है। सत्तारूढ़ कांग्रेस भ्रष्टाचार के मसले से भाजपा पर ही पलटवार करना चाहेगी। मौजूदा 12वीं विधानसभा के अंतिम बजट सत्र में कांग्रेस व भाजपा राजनीतिक बढ़त बनाने का मौका नहीं जाने देगी। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा विधायक विधानसभा में सवाल भेज रहे हैं। हालांकि बजट सत्र को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष की रणनीति 28 फरवरी को विधायक दल की बैठक में तय होगी।
प्रदेश में नशा कारोबार बनता जा रहा है। एक साल के दौरान प्रदेश के तीन जिलों में पोस्त की खेती इस बात का प्रमाण है कि नशे का कारोबार करने वालों को पुलिस का भय नहीं रह गया है। कुल्लू के बाद मंडी, चंबा व सिरमौर में पोस्त की खेती होने को पुलिस ने स्वीकारा है। इसके अलावा सड़कों की खस्ता हालत, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती हालत पर भाजपा विधायकों के पूछे सवालों ने विधानसभा सचिवालय को हैरत में डाल दिया है। ऐसे में भ्रष्टाचार पर केंद्रित सवाल उठने के बाद सदन के माहौल गर्म रहेगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होना तय है। भाजपा भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनके परिवार पर निशाना साधेगी।
तेजी से आ रहे सवाल
विधानसभा सचिवालय को रोजाना 40 से 50 सवाल प्राप्त हो रहे हैं। बजट सत्र के लिए अभी तक 390 सवाल प्राप्त हो चुके हैं। विधायक ऑनलाइन और लिखित में सवाल भेज रहे हैं। अब तक लिखित में 292 ताराकित और 95 अताराकित सवाल भेजे हैं। 105 ताराकित और 94 अताराकित सवाल ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा नियम 130, 62, 101 के तहत सदस्यों ने मुद्दे उठाए हैं।
मैं चाहूंगा कि अदालत में विचाराधीन मामलों को सदन में न उठाया जाए। इसके लिए सभी सदस्यों को लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करना चाहिए। लेकिन जिस तरह से विपक्षी भाजपा सदस्यों की ओर से सवाल पूछे गए हैं, लगता है कि बजट सत्र हंगामापूर्ण रहेगा। हर सदस्य का नैतिक दायित्व है कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को उठाए, ताकि लोगों की परेशानियां कम हो सकें। सदन का माहौल सौहार्दपूर्ण रहे, इसके लिए ऐसे मुद्दे न उठाए जाएं जो कोर्ट में विचाराधीन हैं। सदस्यों को शालीन तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। मैं मानता हूं कि वाकआउट करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विपक्ष की कोशिश होनी चाहिए कि वाकआउट न हो। 28 फरवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें दोनों पक्षों के सदस्यों से बजट सत्र के सुचारू संचालन को लेकर चर्चा होगी।
- बृज बिहारी लाल बुटेल, अध्यक्ष विधानसभा।
